Gaurav Singh

Top 10 of Gaurav Singh

    ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भाँप कर
    ख़त खोलिए तो उस
    में उदासी के अक्स हों
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    Gaurav Singh
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    हम नहीं हैं तुम्हारे जैसे तो
    कौन सा तुम हमारे जैसे हो
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    पलट कर लौट आने में मज़ा भी है मुहब्बत भी
    बुलाकर देख लो शायद पलट कर लौट आएँ हम
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    उदासी चल कहीं चलते हैं दोनों
    पिएँगे चाय और बातें करेंगे
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    जो रब ने चाहा तो देख लेना कि हम अचानक कहीं मिलेंगे
    कहाँ लिखा है मिलेंगे हम तुम कहाँ लिखा है नहीं मिलेंगे

    हमारे ख़त का जवाब देना सही समझना तो ख़त में लिखना
    जहाँ पे हम तुम बिछड़ गए थे पलट के आना वहीं मिलेंगे

    ख़ुदा की दुनिया यहाँ भी है औ ख़ुदा की दुनिया वहाँ भी है ना
    ख़ुदा की मर्ज़ी अगर हुई तो इसी जनम में यहीं मिलेंगे

    सँभाल रख्खी है तेरी फ़ोटो जो मैं ने हिजरत में तुझ सेे माँगी
    वो जिस के पीछे लिखा था तुम ने करो भरोसा कहीं मिलेंगे

    लिखे हुए का करें भरोसा या मन की सुन के करें मोहब्बत
    जहाँ लिखा है मिलेंगे हम तुम, वहीं लिखा है नहीं मिलेंगे
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    Gaurav Singh
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    तुम्हारा पहलू तुम्हारी मर्ज़ी जिसे भी चाहो बिठाओ इस
    में
    मगर मेरी जाँ हमारे दिल का हुआ तमाशा तो याद रखना
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    Gaurav Singh
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    हवा से उल्टा चलेंगे हरदम नदी की धारा नहीं बनेंगे
    अगर बने तो बनेंगे सागर मगर किनारा नहीं बनेंगे
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    क्या विवशता थी वो सोचो क्या समय आया था वो भी
    राम जी सीता से बोले आग पर चलना पड़ेगा
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    बहुत मसरूफ थी ना तुम किसी लड़के के चक्कर में
    अभी मैं बन गया शाइ'र तो मेरी याद आती है
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    कभी कभी तो जी करता है आग लगा दूँ दुनिया को
    कभी कभी दुनिया को जलते देख के रोने लगता हूँ
    Gaurav Singh
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