छोटी है मुझ सेे मुझ पर ग़ुस्सा करती है
    जैसे कोई रानी राजा पर मरती है
    Jasmeet singh 'Meet'
    1 Like
    राह जो इश्क़ की तरफ़ चलती
    में बदल लेता था कदम अपने
    Jasmeet singh 'Meet'
    1 Like
    जिस के क़दमों पर मैं ने अपना दिल रक्खा है
    मौला ने उस के होंटों पर एक तिल रक्खा है
    Jasmeet singh 'Meet'
    3 Likes
    गुलाल मत लगवाना उस रक़ीब से जाना
    उस ने छूना है तेरे होंटों को जाना
    Jasmeet singh 'Meet'
    1 Like
    जाते जाते कह दूँगा उस को
    ये में ख़ुद से हर दिन कहता हूँ
    Jasmeet singh 'Meet'
    1 Like
    चलना है तेरे क़दमों के रक़्स पर
    तेरे अश्क पर क़दमों के अक्स पर
    Jasmeet singh 'Meet'
    1 Like
    दिवाली वो मनायेगी बिना मेरे
    दिए जैसे जला जाएगी दिल मेरा
    Jasmeet singh 'Meet'
    2 Likes
    ख़ूब-सूरत नहीं लगा शायद
    लड़का वो भी ग़रीब था शायद
    Jasmeet singh 'Meet'
    2 Likes
    ज़िन्दगी में कभी नहीं करना
    ये मोहब्बत अभी नहीं करना

    अब तुझे छू सकें नहीं मुमकिन
    तुम तवक़्क़ो अभी नहीं करना
    Read Full
    Jasmeet singh 'Meet'
    1 Like
    तुम किसे प्यार व्यार करते थे
    तुम तो जिस्मों पे वार करते थे

    सिर्फ़ तुम में नहीं वो ख़ूबी थी
    हम भी आँखों से वार करते थे
    Read Full
    Jasmeet singh 'Meet'
    5 Likes

Top 10 of Similar Writers