ख़ास, जिगरी, मान ले मतलूब से हिज्र
    'कश' तुझे मंज़ूर है? महबूब से हिज्र
    Aashish kargeti 'Kash'
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    वो मुझ से दूर जाने को मुसलसल दर बदलता है
    कभी घर का पता अपना कभी नंबर बदलता है
    Aashish kargeti 'Kash'
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    मुझ को तो लगता है तबीअत ठीक नहीं
    ख़ैर बताओं हाल तुम्हारा कैसा है
    Aashish kargeti 'Kash'
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    मैं ने लिखी है ख़ुद ख़ुदा पर ये कहानी तो
    क़िरदार में कोई कमी हो ही नहीं सकती
    Aashish kargeti 'Kash'
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    खाना कपड़े गाड़ी ज़ेवर लूँगा मैं
    अब के अरसे इतना कुछ कर लूँगा मैं
    Aashish kargeti 'Kash'
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    हुस्न के सर पे क्या इश्क़ में खेलना
    इश्क़ के सर पे तुम हुस्न जीते मेरा
    Aashish kargeti 'Kash'
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    मेरी तस्वीर में से मैं ही हो जाऊँगा गुम
    मेरी तस्वीर में कोई तलाशे गर उसे
    Aashish kargeti 'Kash'
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    हम से बढ़कर प्यार करे वो दुनिया को
    उस से बढ़कर प्यार उसे मैं करता हूँ
    Aashish kargeti 'Kash'
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    हम दोनों को एक करे तो अच्छा है
    काम ज़माना नेक करे तो अच्छा है
    Aashish kargeti 'Kash'
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    ज़ख़्म पर यूँँ नमक लगा कर तुम
    दर्द को क्यूँ मेरे बढ़ाते हो
    Aashish kargeti 'Kash'
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