मेरा क़िस्सा सुन‌ के बोला पास तेरे सब है यार
    और ग़ुरबत में कटी है मेरी पूरी ज़िंदगी
    Shayar Sadiq hassan
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    पास बैठो दो घड़ी और मुझ सेे पूछो हाल-ए-दिल
    कह उठोगे है बयाबाँ सच में तेरी ज़िंदगी
    Shayar Sadiq hassan
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    मुस्कुरा कर मिल रहा था मैं सभी से हर जगह
    सब लगे कहने कि कितनी ख़ुश है इस की ज़िंदगी
    Shayar Sadiq hassan
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    सोचता हूँ मर ही जाऊँ क्या करूँगा जी के मैं
    जीना तुम क्यूँ चाहते हो मेरे जैसी ज़िंदगी
    Shayar Sadiq hassan
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    कह रहा था मेरे दिल में कभी नहीं था तू
    तो ज़रा बता इतने दिन किधर रहा हूँ मैं
    Shayar Sadiq hassan
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    कौन कहता है अब ग़म से उभर रहा हूँ मैं
    तू गया है जब से हर रोज़ मर रहा हूँ मैं
    Shayar Sadiq hassan
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    मोहब्बत की तिजारत को यहाँ ले कर न आओ तुम
    ख़ुदा देगा तुम्हें जन्नत कहीं तो डूब जाओ तुम
    Shayar Sadiq hassan
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    छोड़ देते हो इंसान को तुम वहीं
    पूरी होती है ख़ुद की जहाँ हसरतें
    Shayar Sadiq hassan
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    पागल ही तुतला कर बातें करते हैं
    पागल हैं जो इस को प्यार समझते हैं
    Shayar Sadiq hassan
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    फ़रेबी नैन वाली ने मेरे दिल को चुराया है
    मुझे इस पर शिकायत है अदालत को बिठाओ तुम
    Shayar Sadiq hassan
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