तुम्हें मुझ सेे मोहब्बत हो गई है
    अरे पहले बताना चाहिए था
    Shivsagar Sahar
    0 Likes
    ऐ शैख़ तू शराब के पीछे न पड़ कभी
    ये ख़ुद को वाहियात बनाने की चीज़ है
    Shivsagar Sahar
    5 Likes
    पिता के काँधे पर बैठा हुआ हूँ
    गगन छूने को इक मौक़ा' मिला है
    Shivsagar Sahar
    2 Likes
    ज़रा सा छू दिया उस को तो वो ऐसे सिमटती है
    कि जैसे हो मिरे दिल की कोई छूईमुई शायद
    Shivsagar Sahar
    3 Likes
    थक गया हूँ नाम ले ले कर तुम्हारा
    मोम सा दिल हो गया पत्थर तुम्हारा

    मुस्कुरा कर तुम ज़रा सा हाए कहती
    मैं ख़ुशी से माँगता नंबर तुम्हारा
    Read Full
    Shivsagar Sahar
    3 Likes
    अरे कैसे वतन को छोड़ दें हम
    यहाँ पर ख़ून है शामिल हमारा
    Shivsagar Sahar
    3 Likes
    असर बाज़ार का इतना हुआ इस आधुनिक युग में
    कि कोई भूल कर करता नहीं दातून की बातें

    जवानी में भी बचपन की उमंगे जाग उठती हैं
    करें मासूम बच्चे जब किसी बैलून की बातें
    Read Full
    Shivsagar Sahar
    2 Likes
    हमारी रूह पापी जिस्म में कब तक नहाएेगी
    चलो संगम नहा आएँ इलाहाबाद में जानाँ
    Shivsagar Sahar
    2 Likes
    तुम्हारी लाल चूनर,लाल लाली,लाल बिंदिया को
    क़सम से देख कर बेजा नशे में चूर बैठा हूँ
    Shivsagar Sahar
    2 Likes
    सुना है सुन्दरी को घूरने से उम्र बढ़ती है
    यही है बस ख़ता मेरी कि मैं भी घूर बैठा हूँ
    Shivsagar Sahar
    2 Likes

Top 10 of Similar Writers