मेरी आँखों से हो ओझल रहा है,
    तेरा किरदार हो धूमल रहा है,

    भला जिस का तू केवल चाहता है,
    वहीं इंसान तुझ को छल रहा है,

    निरंतर बातें दोनों कर रहे हैं,
    इधर झगड़ा हमारा चल रहा है,

    युगों से राम पूजे जा रहे हैं,
    युगों से सिर्फ़ रावण जल रहा है,

    समस्या को करो स्वीकार ढूँढो
    उसी के संग उस का हल रहा है
    Read Full
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    1 Like
    बहुत मजबूर होता जा रहा हूँ
    मैं ख़ुद से दूर होता जा रहा हूँ

    उदासी दोस्त होती जा रही है
    बहुत मशहूर होता जा रहा हूँ

    तुम्हारे पास रहना चाहता हूँ
    तुम्हीं से दूर होता जा रहा हूँ

    मुसीबत साथ रहती है हमेशा
    बहादुर शूर होता जा रहा हूँ

    अँधेरा रास आने लग गया है
    मैं अब बेनूर होता जा रहा हूँ
    Read Full
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    5 Likes
    निरंतर बातें दोनों कर रहे हैं,
    इधर झगड़ा हमारा चल रहा है,
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    6 Likes
    मिरी दौलत,मिरी शोहरत मेरा ईमान है साहब
    तिरी ख़ातिर किताबें है मिरी तो जान है साहब
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    5 Likes
    ऐसे रिश्ते का कोई अस्तित्व नहीं
    हरदम जिस
    में यक़ीं दिलाना पड़ता है
    Read Full
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    5 Likes
    युगों से राम पूजे जा रहे हैं
    युगों से सिर्फ़ रावण जल रहा है
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    6 Likes
    है जिस के पास में सब कुछ
    है उस के पास सब सेे कम
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    5 Likes
    अभी है हिज्र का मौसम
    अभी आँखें हैं भारी नम

    फ़क़त है बेबसी बाक़ी
    समेटे दिल में सारे ग़म

    उदासी दोस्त होती है
    कि जब होते हैं तन्हा हम

    जो हरदम साथ होता है
    वही होता नहीं हरदम

    तुम्हीं हो ख़ास उस के बस
    ये है दावा तुम्हारा भ्रम

    है जिस के पास में सब कुछ
    है उस के पास सब सेे कम
    Read Full
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    5 Likes
    तुम्हारे साथ यदि तुम ख़ुद खड़े हो
    यक़ीं मानों कि तुम सब सेे बड़े हो

    विजेता माने जाओगे सदा ही
    अगर तुम आख़िरी दम तक लड़े हो
    Read Full
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    8 Likes
    ख़ामोशी भी मुझ सेे बातें करती है
    उस को जब सूनेपन से डर लगता है
    SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
    9 Likes

Top 10 of Similar Writers