Bashir Badr

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    परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता
    किसी भी आइने में देर तक चेहरा नहीं रहता

    बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
    जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता

    हज़ारों शे'र मेरे सो गए काग़ज़ की क़ब्रों में
    अजब माँ हूँ कोई बच्चा मिरा ज़िंदा नहीं रहता

    मोहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है
    कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता
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    सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
    इतना मत चाहो उसे वो बे-वफ़ा हो जाएगा

    हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है
    जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा

    कितनी सच्चाई से मुझ से ज़िंदगी ने कह दिया
    तू नहीं मेरा तो कोई दूसरा हो जाएगा

    मैं ख़ुदा का नाम ले कर पी रहा हूँ दोस्तो
    ज़हर भी इस में अगर होगा दवा हो जाएगा

    सब उसी के हैं हवा ख़ुशबू ज़मीन ओ आसमाँ
    मैं जहाँ भी जाऊँगा उस को पता हो जाएगा
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    Bashir Badr
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    दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
    जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों
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    आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
    कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा

    बे-वक़्त अगर जाऊँगा सब चौंक पड़ेंगे
    इक उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा

    जिस दिन से चला हूँ मिरी मंज़िल पे नज़र है
    आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा

    ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं
    तुम ने मिरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा

    यारों की मोहब्बत का यक़ीं कर लिया मैं ने
    फूलों में छुपाया हुआ ख़ंजर नहीं देखा

    महबूब का घर हो कि बुज़ुर्गों की ज़मीनें
    जो छोड़ दिया फिर उसे मुड़ कर नहीं देखा

    ख़त ऐसा लिखा है कि नगीने से जड़े हैं
    वो हाथ कि जिस ने कोई ज़ेवर नहीं देखा

    पत्थर मुझे कहता है मिरा चाहने वाला
    मैं मोम हूँ उस ने मुझे छू कर नहीं देखा
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    मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी
    किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
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    उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
    न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
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    तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
    मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा

    तुम्हारे साथ ये मौसम फ़रिश्तों जैसा है
    तुम्हारे बा'द ये मौसम बहुत सताएगा
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    Bashir Badr
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    कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से
    ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो
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    हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है
    जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
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    तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा
    यूँँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो
    Bashir Badr
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