Dushyant Kumar

Top 10 of Dushyant Kumar

    मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
    हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए
    Dushyant Kumar
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    इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है
    नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है
    Dushyant Kumar
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    एक आदत सी बन गई है तू
    और आदत कभी नहीं जाती
    Dushyant Kumar
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    रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया
    इस बहकती हुई दुनिया को सँभालो यारो
    Dushyant Kumar
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    मुझ
    में रहते हैं करोड़ों लोग चुप कैसे रहूँ
    हर ग़ज़ल अब सल्तनत के नाम एक बयान है
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    Dushyant Kumar
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    कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता
    एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो यारो
    Dushyant Kumar
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    जाने किस किस का ख़याल आया है
    इस समुंदर में उबाल आया है

    एक बच्चा था हवा का झोंका
    साफ़ पानी को खँगाल आया है
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    Dushyant Kumar
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    न हो क़मीज़ तो घुटनों से पेट ढक लेंगे
    ये लोग कितने मुनासिब हैं इस सफ़र के लिए
    Dushyant Kumar
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    इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है
    नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है
    Dushyant Kumar
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    हिम्मत से सच कहो तो बुरा मानते हैं लोग
    रो-रो के बात कहने की आदत नहीं रही
    Dushyant Kumar
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