छोड़कर तन्हा मुझे जन्नत में रहने लग गए हो
    और मैं ने ज़िन्दगीं कर ली जहन्नम शा'इरी में
    "Nadeem khan' Kaavish"
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    मैं तो समझा था इक तू ही समझता है मुझे लेकिन
    बता अब तू नहीं समझा तो मुझ को कौन समझेगा
    "Nadeem khan' Kaavish"
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    हमारी सादगी भी हम ही बताएँ
    हमारे चेहरे से दिखती नहीं क्या
    "Nadeem khan' Kaavish"
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    पैसा-दौलत कमा कर, मरना ही है इक दिन तो
    थोड़ा कुछ नाम कमा कर के ही घर जाएँगे
    "Nadeem khan' Kaavish"
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    अलग ही नूर था इस
    में
    मिरा चहरा सितारा था
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    "Nadeem khan' Kaavish"
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    अगर तुम पास होते तो कुछ बात थी
    हमारे ख़ास होते तो कुछ बात थी
    "Nadeem khan' Kaavish"
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    मैं उस की बातों में आ रहा हूँ
    वो मेरी बातों में आ रही है
    "Nadeem khan' Kaavish"
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    मैं अब मर चुका हूँ, मुबारक हो सब को
    ज़नाजा मेरा अब उठाओ तो कोई
    "Nadeem khan' Kaavish"
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    वो एक ही शख़्स यार है
    वो एक ही से है बंदगी

    वो एक ही शख़्स ग़ैर है
    वो एक ही शख़्स ज़िन्दगी
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    "Nadeem khan' Kaavish"
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    एक तस्वीर ने मुझे
    आज तस्वीर कर दिया
    "Nadeem khan' Kaavish"
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