जला कर दिल उजाला हो गया क्या
    मेरा ज़र्रा सितारा हो गया क्या

    नई चीज़ों को घर में रखने वाले
    मैं कुछ ज़्यादा पुराना हो गया क्या

    घरों से भागने वाले बताएँ
    मोहब्बत से गुज़ारा हो गया क्या
    Read Full
    Kushal Dauneria
    26 Likes
    यहाँ तुम देखना रुतबा हमारा
    हमारी रेत है दरिया हमारा
    Kushal Dauneria
    52 Likes
    सारे का सारा तो मेरा भी नहीं
    और वो शख़्स बे-वफ़ा भी नहीं

    ग़ौर से देखने पे बोली है
    शादी से पहले सोचना भी नहीं
    Read Full
    Kushal Dauneria
    85 Likes
    छोड़ कर जाने का दस्तूर नहीं होता था
    कोई भी ज़ख़्म हो नासूर नहीं होता था

    मेरे भी होंठ पे सिगरेट नहीं होती थी
    उस की भी माँग में सिंदूर नहीं होता था

    औरतें प्यार में तब शौक़ नहीं रखती थी
    आदमी इश्क़ में मज़दूर नहीं होता था
    Read Full
    Kushal Dauneria
    54 Likes
    चल गया होगा पता ये आप को
    बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को

    इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़
    तू समझती क्या है अपने आप को
    Read Full
    Kushal Dauneria
    99 Likes
    यहाँ तुम देखना रुतबा हमारा
    हमारी रेत है दरिया हमारा

    किसी से कल पिताजी कह रहे थे
    मुहब्बत खा गई लड़का हमारा

    तअ'ल्लुक़ ख़त्म करने जा रही है
    कहीं गिरवा न दे बच्चा हमारा
    Read Full
    Kushal Dauneria
    67 Likes
    कि तेरे बा'द भी ज़िंदा हूँ मैं मरा तो नहीं
    हसीन है तू मेरी जाॅं मगर ख़ुदा तो नहीं

    वो लाल रंग बड़ा खिल रहा था तुझ पर कल
    तू रात आग लगाते हुए जला तो नहीं

    बुलंदियों के वरक़ पर कुशल कहीं तू ने
    उसे बनाने में ख़ुद को मिटा दिया तो नहीं
    Read Full
    Kushal Dauneria
    25 Likes
    जहाँ-जहाँ पे तुझे ग़ैर ने छुआ हुआ था
    वहाँ-वहाँ पे मेरा जिस्म भी जला हुआ था

    शिकस्त होनी थी ये मेरा पहला इश्क़ था और
    वो बे-वफ़ा यही करते हुए बड़ा हुआ था

    फिर एक रोज़ मुझे ये पता लगा उस के
    पुराने आशिक़ों के साथ भी बुरा हुआ था

    पिता के कहने से लड़की ने घर बसा लिया पर
    माॅं इस कहानी में लड़के के साथ क्या हुआ था
    Read Full
    Kushal Dauneria
    36 Likes
    तारीख़ आ गई है उधर कार्ड छप गए
    अब कब कहेगी तुझ को वो लड़का नहीं पसंद
    Kushal Dauneria
    79 Likes
    या'नी कि इश्क़ अपना मुकम्मल नहीं हुआ
    गर मैं तुम्हारे हिज्र में पागल नहीं हुआ

    वो शख़्स सालों बा'द भी कितना हसीन है
    वो रंग कैनवस पे कभी डल नहीं हुआ
    Read Full
    Kushal Dauneria
    64 Likes

Top 10 of Similar Writers