Nikunj Rana

Top 10 of Nikunj Rana

    लोग इस इक बात को भी बात में ही लाते हैं
    तुम भी तो शाइ'र हो क्या तुम ने मोहब्बत की कभी
    Nikunj Rana
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    उस के दिल से कोई आख़िर हम निकालें और कैसे
    जो हक़ीक़त है हक़ीक़त को भुला दें और कैसे
    Nikunj Rana
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    हमारे गाँव में ठहरो ना इक दो दिन
    मोहब्बत के लिए बरसात मौसम है
    Nikunj Rana
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    सुना है ये तिरे हमदर्द के जैसे नहीं हैं हम
    मोहब्बत में ये तुम भी जान लो कोई नहीं है कम
    Nikunj Rana
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    हाँ उसे बातें कुछ बतानी थी
    फिर हमें हाँ में हाँ मिलानी थी

    गर मोहब्बत कई कहानी है
    तो हमारी भी इक कहानी थी

    हम सफ़र तो नए नए ही है
    दोस्ती तो बड़ी पुरानी थी

    कारना
    में बहुत किए हम ने
    वो भी तो क्या अरे जवानी थी

    लड़की आईना से वो सजती है
    शा'इरी से हमें सजानी थी

    जाम मय-ख़ाने में बचे होते
    साक़ी ने और भी पिलानी थी

    ढूँढ़ते हो 'निकुंज' क्या उस को
    जो रवानी थी वो रवानी थी
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    Nikunj Rana
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    सालों की मोहब्बत अब किस के नाम की जाए
    क्यूँँ ये ज़िंदगी अपनी यूँँ तमाम की जाए
    Nikunj Rana
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    दो पल में कोई भी बात दिल के करार पे नहीं आती
    ये जो मोहब्बत हैं जाँ बिना ए'तिबार के नहीं आती
    Nikunj Rana
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    शाख से टूट कर काँटों पे आएँगे
    हम हैं वो फूल कुचले नहीं जाएँगे
    Nikunj Rana
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    दे दिए है दाग अब तो रंग जमना चाहिए
    बस तिरे इस हाथ में ख़ंजर न दिखना चाहिए

    लग गए है घाव जितने रख दिए है खोल कर
    हो न हो इस रंज का अंजाम होना चाहिए

    दिल मिरा ये थम गया है हिज्र की इक बात पर
    कह रही है वो कि मुझ को आम लगना चाहिए

    है नहीं कोई गिला अब है नहीं कोई दुखन
    इन लबो की मुस्कुराहट को दवा बनना चाहिए

    थे अकल के काम करने को जमाने में 'निकुंज'
    हम वही करते रहे जो दिल समझना चाहिए
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    Nikunj Rana
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    दे दिए है दाग अब तो रंग जमना चाहिए
    बस तिरे इस हाथ में ख़ंजर न दिखना चाहिए
    Nikunj Rana
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