कोई तो हो जो मेरा हाल पूछे
    कोई तो हो जिसे चिंता हो मेरी
    Nirbhay Nishchhal
    1 Like
    मैं तुम्हें लिखना चाहता हूँ अब
    तुम मेरी शा'इरी बनोगी क्या
    Nirbhay Nishchhal
    3 Likes
    अब तुम बदल गए हो यारा
    बिल्कुल सफल नहीं होगे अब
    Nirbhay Nishchhal
    1 Like
    कभी हम सेे हमारा हाल पूछो
    मैं तुम को सब बताना चाहता हूँ
    Nirbhay Nishchhal
    2 Likes
    हवस की आग में जलकर जो लड़की डूब जाती है
    ख़ुदा देता सितम तो जल्दी शादी ही नहीं होती
    Nirbhay Nishchhal
    1 Like
    मुझे बस एक मौका दे दो जानांँ
    तुम्हारी माँग भरना चाहता हूँ
    Nirbhay Nishchhal
    1 Like
    निभाया जिस सेे भी रिश्ता तो फिर हद में रहे हैं हम
    किसी के मखमली तकिए के ऊपर सर नहीं रक्खा
    Nirbhay Nishchhal
    8 Likes
    तुम्हारे साथ था तो मैं गम-ए-उल्फ़त में उलझा था
    तुम्हें छोड़ा तो ये जाना कि दुनिया ख़ूब-सूरत है
    Nirbhay Nishchhal
    6 Likes
    तुझे खोने का डर नहीं मुझ
    में
    तेरे ज़ुल्मों से भर गया हूँ मैं
    Read Full
    Nirbhay Nishchhal
    4 Likes
    तुम को अब नींद बहुत आती है
    मुझ सेे अब पेट भर गया है क्या
    Nirbhay Nishchhal
    3 Likes

Top 10 of Similar Writers