अच्छा तुम इक बात बताओ, सच कहना
किस के सह थे रात बताओ, सच कहना
ना मुझ को तुम पे बिल्कुल विश्वास नहीं
सर पे रख के हात बताओ, सच कहना
मेरी हालत जान भला क्या करना है?
तुम अपने हालात बताओ, सच कहना
अब भी मेरी याद तुम्हें आती है क्या?
कुछ दिल के जज़्बात बताओ, सच कहना
अब किस की यादों के घन आँखों में हैं?
क्यूँ इतनी बरसात बताओ, सच कहना
मुझ सेे ज़्यादा ध्यान तिरा रखता है वो?
ख़ुश हो उस के साथ बताओ, सच कहना
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