Sahir banarasi

Top 10 of Sahir banarasi

    कोहकन सा मर जाता बात सुन के तो 'साहिर'
    तुझ को क्यूँ ज़रूरत है फिर कोई जुदाई की
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    तहय्युर भी न होते हैं अदा-ए-ज़िंदगी से हम
    फ़ना ही हो गए हैं अब ख़ुदा इस आशिक़ी से हम
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    गले मिलो तो ये भी ध्यान रखना अब 'साहिर'
    हर इक से रस्म-ए-मुहब्बत नहीं निभाते हैं
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    रगों में दौड़ता है खूँ की तरह हिंदुस्ताँ
    हर इक को मिलता नहीं ये नसीब अब साहिर
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    ये कौन दिल पे दे रहा दस्तक ख़बर नहीं
    लगता है इस को अब भी मुहब्बत का डर नहीं
    Sahir banarasi
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    फूलों पे इतनी पहरा-दारी क्यूँ
    भौंरो पे सारी दुनिया-दारी क्यूँ
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    जिसे लोग कहते मुहब्बत
    है ज़ालिम बड़ी ये मुहब्बत
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    अगर हमें भी मिला होता ग़म जुदाई का
    हमें भी आता हुनर फिर तो बेवफ़ाई का
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    मुमकिन हो गर तो थोड़ा सा सीधा बयान दो
    थोड़ा वतन की सोच के अच्छा विधान दो

    वो भाँजते है आज जो तलवार नंगी याँ
    गर हो सके तो रखने को उन को मयान दो

    कुछ तो चला गया है ख़ुदा के भी कान में
    मुमकिन अगर हो तो ज़रा ऊँची अज़ान दो

    वो तीर जिस सेे दुष्ट वो लंकेश ख़त्म हो
    उस तीर को तो राम अभी इक कमान दो

    अब देश में विकास की रफ़्तार धीमी है
    अब रास्तों को थोड़ी सी तिरछी ढलान दो

    रोटी गले तलक जो भरे है उसे कभी
    सच कहने वाली कोई ख़ुदा तुम ज़बान दो

    हर कोई अब ग़रीबों को खाने को दौड़ता
    उन को बचा सके जो वही संविधान दो

    मैं औलिया हूँ दर पे अभी तेरे झुक खड़ा
    साहिर को कर दे ज़िंदा जो हाजी वो तान दो
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    आपने तो जला दिया दिल को
    साथ सिगरेट का लगा दिल को
    Sahir banarasi
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