तजरबा ये भी कम नइँ निकला
    तुझ से बिछड़ कर दम नइँ निकला
    Shivam Prajapati
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    इश्क़ की गगरी जब तुम ने फोड़ी थी
    दर्द-ए-दिल ने सारी हद तोड़ी थी
    Shivam Prajapati
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    मुँह पर सच कहने की आदत है
    याँ इज़्ज़त है तुम्हारी रहने दो
    Shivam Prajapati
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    सामने जब आप हँस कर आ गए
    घूम फिर के हम उसी दर आ गए

    एक लड़की जो मिरा ही ख़्वाब थी
    हम उसी को ख़्वाब देकर आ गए

    सात फेरों में उसे वो ले गया
    और हम रोते हुए घर आ गए

    आप के लहजे से मैं ने बात की
    आप मरने मारने पर आ गए
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    Shivam Prajapati
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    जब तुझ पर गुज़रेगी तब तू जानेगा
    बिल्कुल भी ये दौर नहीं है भलाई का
    Shivam Prajapati
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    रोने लगा वो देख कर इस हाल में
    वो डाल कर भी ख़ुद गया था जाल में

    जो शख़्स लगता था ज़माने से जुदा
    वो शख़्स भी था भेड़िये की खाल में

    हँस कर जला दी आपने तो बस्तियाँ
    दुनिया बसी थी ज़ालिमो तिरपाल में

    जिस को भुलाने में लगी थीं कोशिशें
    तारीख़ वो फिर आ गई इस साल में
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    Shivam Prajapati
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    बोलता कुछ भी रहे ज़ालिम ज़माना छोड़ जाना
    जब मुयस्सर हो तुझे भी एक शाना छोड़ जाना

    मैं अगर दूँ वास्ता कोई तुझे तो तू हमारे
    हाल पर बिल्कुल तरस मत यार खाना छोड़ जाना
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    Shivam Prajapati
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    छुड़ा ले हाथ तू ही ज़िन्दगी हम से
    नहीं ये हो सकेगी ख़ुद-कुशी हम से

    तुम्हारे बा'द हर शब जाग कर गुज़री
    जुदा होकर ख़फ़ा है नींद भी हम से
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    Shivam Prajapati
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    ये दर आशिक़ को डसता था पहले
    सो खिड़की उस का रस्ता था पहले

    आँखों के पानी से हासिल था सब
    हर महँगा सामाँ सस्ता था पहले

    सिगरेट की ख़ुशबू ये बतलाती है
    इन हाथों में गुलदस्ता था पहले
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    Shivam Prajapati
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    जवानी,जोश में मग़रूर है लड़की
    बुढ़ापे का नहीं शायद पता उस को
    Shivam Prajapati
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