जब वो आँखों के आगे से हट जाती है
    यार क़सम से मेरी धड़कन डट जाती है

    कानों के पीछे जब उस की लट जाती है
    मेरी तो हिस्ट्री भूगोल पलट जाती है
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    Vijay Potter Singhadiya
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    उस ने भेजा हग कर के इस बार मुझे
    मतलब ये सर्दी तो, कट ही जाएगी
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    शे'र अच्छा तो नहीं है दोस्त पर
    तेरे चेहरे पे ख़ुशी तो आ गई
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    तुम को बतलाऊँ, मेरा क्या क्या ख़ारिज
    प्यार हुआ तो मुझ को फूल मिला ख़ारिज

    इस से और ज़ियादा क्या होगा खारिज
    जीत रहा था इतने में, सट्टा ख़ारिज

    दिल टूटा है, माना दुख होता होगा
    लेकिन यार हुआ है कभी मतला ख़ारिज

    चूड़ी चटकी और लगा कर के काजल
    इक बेगम ने किया मेरा इक्का ख़ारिज

    मीटर नइँ आता था, उस की आँखों पे
    शे'र कहा था जब मैं ने, पहला ख़ारिज

    ख़ारिज शे'र पे 'वाह' तुम्हारी भाभी की
    पहली बार हुआ था कुछ अच्छा ख़ारिज

    यार ग़ज़ल ख़ारिज है कुछ तो ख़ारिज हो
    क्या कहते हो कर दूँ क्या मक़्ता खारिज
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    Vijay Potter Singhadiya
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    इक मतला इक ताज़ा शे'र सुना लेते हैं
    बेकारी है तो अब लोग मज़ा लेते हैं

    शे'र तो क्या तुम यार ग़ज़ल ही चुरा लो मेरी
    वालिद का जूठा तो बच्चे खा लेते हैं
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    Vijay Potter Singhadiya
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    एक तरीका एब्स बनाने का सीखो
    योग करो या घुट घुट के मरना सीखो

    योग नहीं कर सकते तो इक काम करो
    तुम तो बस फ़ोटो एडिट करना सीखो
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    Vijay Potter Singhadiya
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    पेड़ लगाओ फल देंगे
    आज नहीं तो कल देंगे

    बदलेगा तू पेजों को
    तुझ को पेज बदल देंगे
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    Vijay Potter Singhadiya
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    नौकर ही देखेगी वो शहजादा नइँ
    दोस्त पढ़ाई कर ले प्यार का वा'दा नइँ

    प्यार मुहब्बत में भी ताक़त होती है
    हाँ लेकिन सरकारी जॉब से ज़्यादा नइँ
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    Vijay Potter Singhadiya
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    कहती है सब को नो कर मुझ को यश कर
    इश्क़ अगर है तो फिर मिल न गले कस कर

    उस की डीपी इतनी ज़ूम करी मैं ने
    उस की फ़ोटो बोल पड़ी पोटर बस कर
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    Vijay Potter Singhadiya
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    क्या करूँँ जो मेरे दिल में है, उदासी उस ने दी है
    ज़िंदगी अच्छी थी यारो, झंड तो लोगों ने की है
    Vijay Potter Singhadiya
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