Ashraf Ali

Top 10 of Ashraf Ali

    बे-वजह नज़्म-सराई से मुझे क्या लेना
    तेरी अंगुश्त-नुमाई से मुझे क्या लेना

    तुझ को पाने की तमन्ना ही नहीं रखता मैं
    फिर तेरे बाप से भाई से मुझे क्या लेना
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    रूठी क़िस्मत को समझाना मुश्किल है
    हर मुश्किल का हल मिल पाना मुश्किल है

    इस हफ़्ते भी काम बहुत है ऑफ़िस में
    इस हफ़्ते भी घर जा पाना मुश्किल है
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    Ashraf Ali
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    पहले तो तुम्हें जान पुकारेंगे यही लोग
    फिर ख़ुद ही तुम्हें जान से मारेंगे यही लोग

    मुँह पर तो बड़े फ़ख्र से ता'ईद करेंगे
    फिर पीठ में खंज़र भी उतारेंगे यही लोग
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    Ashraf Ali
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    ग़म-ए-हयात में यूँँ ढह गया नसीब का घर
    कि जैसे बाढ़ में डूबा हुआ गरीब का घर

    वबायें आती गईं और लोग मरते गए
    हमारे गाँव में था ही नहीं तबीब का घर
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    Ashraf Ali
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    चमन में फूल सब मुरझा रहे हैं
    ये बादल आग क्यूँँ बरसा रहे हैं

    कबीले पर मेरे हमला हुआ है
    मेरे सब लोग मारे जा रहे हैं
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    Ashraf Ali
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    तुम बिन शायद जी न पाऊँ ऐसा पहले लगता था
    लेकिन अब भी जिन्दा हूँ या'नी भरम था टूट गया
    Ashraf Ali
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    कोई तो सदमा लगा है ज़रूर मुझ को भी
    थकन शदीद है और नींद भी उड़ी हुई है

    नजूमी तकते हैं बेचारगी से मेरी तरफ़
    लकीर माथे पे जितनी भी थी मिटी हुई है
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    किसी के इश्क़ का सौदा हुआ है
    किसी के साथ फिर धोखा हुआ है

    कोई अब तक अकेले जी रहा है
    किसी को दूसरा लड़का हुआ है
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    घर के लिए जो वक़्त बचा कर रखा था मैं
    यूँँ मुफ़लिसी हुई कि उसे बेंचना पड़ा
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    सारी दुनिया को अजनबी कर के
    ख़ुश हूँ ख़ल्वत से दोस्ती कर के
    Ashraf Ali
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