Deepak Pathak

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    बस इक दिन के लिए कब ख़ास रहती है
    उदासी हम को बारह मास रहती है
    Deepak Pathak
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    हर गली हर मोड़ पे देखा करेगा
    कौन मुझ को इस तरह ढूँढा करेगा

    तेरे बारे में कभी सोचा नहीं था
    तू भी मेरे साथ में धोका करेगा

    मसअला तो बीच के हम दोनों का है
    तीसरा फिर आके कोई क्या करेगा

    मैं सलामत बच गया तो ध्यान रखियो
    हाल अपना देख तू रोया करेगा

    सब उसी पे छोड़ दो आख़िर में वो ही
    जो करेगा जान लो अच्छा करेगा
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    Deepak Pathak
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    आसमाँ अब ये कहीं झुक तो नहीं जाएगा
    इक तेरे जाने से कुछ रुक तो नहीं जाएगा
    Deepak Pathak
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    रिश्ते ये जोड़े हुए हैं
    वरना कब तेरे हुए हैं

    आदमी ठहरा हुआ है
    रास्ते भटके हुए हैं

    प्यार दो वर्षों रहा बस
    फिर तो बस झगड़े हुए हैं

    क्या बताए काम का तो
    सब के सब लटके हुए हैं

    ये गरजने वाले बादल
    कल कहीं बरसे हुए हैं

    क्या सुधारोगे हमें तुम
    बिगड़े थे, बिगड़े हुए हैं
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    Deepak Pathak
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    उठाए नाज़ तेरे ऐसा दिवाना
    मिले हम से कोई बेहतर तो बताना
    Deepak Pathak
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    यूँँ निभाता था वो जैसे अजनबी था
    पर मेरा सब कुछ मेरा सब कुछ वही था

    मैं तो बस आया था उस की ज़िन्दगी में
    कोई और ही उस की लेकिन ज़िन्दगी था

    दुख उठाए जिस की ख़ातिर हम ने हरदम
    वो हमीं से कहता था हम सेे दुखी था

    इश्क़ का हम सेे भला क्या पूछते हो
    आज का हम को पता नईं पर कभी था
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    Deepak Pathak
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    ख़ूब-सूरत ज़िन्दगी कभी नहीं देखी
    पहले ऐसी सादगी कभी नहीं देखी

    चाँद ने कल देख के तुझे कहा बस ये
    मैं ने इतनी रौशनी कभी नहीं देखी
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    Deepak Pathak
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    फूल के जैसी ही जवानी है
    ख़ूब-सूरत वो इक कहानी है

    उस के दीवाने हैं कई लड़के
    और वो लड़की मेरी दिवानी है
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    Deepak Pathak
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    पुराने गीत चलाओ तो कुछ बात बने
    हमारे साथ में गाओ तो कुछ बात बने

    हमेशा नाज़ उठाते हैं हम आप के ही
    कभी हम को भी मनाओ तो कुछ बात बने
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    Deepak Pathak
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    बला की ख़ूब-सूरत इक कली से
    मुहब्बत हो गई हम को किसी से

    सभी थे याद करते काम से, सो
    किनारा कर लिया हम ने सभी से

    लड़ी थी इक दफ़ा जब आँख तुम से
    मैं तुम को चाहता हूँ, बस तभी से

    लड़ेंगे मौत तुझ से आख़िरी दम
    नहीं हम हारने वाले अभी से

    बताऊँ क्या भला रिश्ता हमारा
    वही जो मछली का है हर नदी से
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    Deepak Pathak
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