Prit

Top 10 of Prit

    कितना झूठा था अपना सच्चा इश्क़
    हिज्र से दोनों ज़िंदा बच निकले
    Prit
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    सफ़र है ज़िंदगी और इस की मंज़िल मौत है
    सफ़र में मौत हो जाती तो बढ़िया होता "प्रीत"
    Prit
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    है दुआ जल्दी जन्नत अता हो तुझे
    तू मेरे इश्क़ का इश्क़ है ऐ रक़ीब
    Prit
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    हमारे नसीबों में क्या क्या लिखा है
    तुझे याद कर के तड़पना लिखा है

    किसी से शिकायत करें भी तो कैसे
    चराग़ों की किस्मत में जलना लिखा है

    वो जिस ने सभी को परेशां किया है
    उसी नर्क को हम ने दुनिया लिखा है
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    Prit
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    ओ सितमगर ज़रा कम सितम कर
    खा तरस मुझ पे, थोड़ा रहम कर
    Prit
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    "प्रीत" ये इश्क़ की इक ही रीत
    जितना हारे, तेरी उतनी जीत
    Prit
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    दिल लगा के दगा हम नहीं करते हैं
    बेवफाई हमारी रिवायत नहीं
    Prit
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    "प्रीत" ये मुहब्बत जब बे-हिसाब होती है
    लब गुलाब, क़ातिल आँखें शराब होती हैं

    तुम वहाँ कभी जो बीमार होते हो, जानाँ
    हालतें यहाँ मेरी भी ख़राब होती हैं

    प्यार के बिना सजदों में असर नहीं आता
    सारी कोशिशें ही नाकामयाब होती हैं

    प्यार गर बड़ी शिद्दत से निभाया जाए तो
    बा'द उस के नफ़रत भी लाज़वाब होती है
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    Prit
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    अभी तुम ने मुहब्बत देखी है, नफ़रत कहाँ देखी
    अभी सिक्के का तुम ने सिर्फ़ इक ही पहलू देखा है
    Prit
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    ख़ुदा जाने ख़ुदा कैसा ख़ुदा को किस ने देखा है
    कहो, तुम भी ख़ुदा माँ–बाप को ही मानते हो ना
    Prit
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