Raj

Top 10 of Raj

    तेरे कमरे से बाहर निकलने के बा'द
    घर की घड़ियों को उल्टा घुमाया गया
    Raj
    5 Likes
    वो दोस्त बन गई है आशना बनाना है
    पहाड़ काट दिया रास्ता बनाना है
    Raj
    2 Likes
    बदलना गर बुराई का सबब है
    तो अपने चेहरे में कालिख़ लगा लो
    Raj
    1 Like
    इश्क़ ज़ाहिर करने के लाखों तरीक़े होते हैं 'राज'
    सब को छोड़ो तुम ये देखो पास की शय कौन सी है
    Raj
    2 Likes
    बस एक दिल की ज़रूरत है हादसे के लिए
    हजर हों दो तो ही चिंगारियाँ बनाते हैं
    Raj
    6 Likes
    पढ़ा लिखा हो जो आशिक़ उसे सहूलत है
    लुग़त में भी लिखा है लत के पहले उल्फ़त है
    Raj
    2 Likes
    तारीकी से जलता है दीवारें इस की हैं मुख़बिर
    रात में साया एक दिए को तेल लगाके आया है
    Raj
    4 Likes
    सब्र मेरा फ़िक्र में है रोज़-ओ-शब ये सोचता है
    दूध में दोनों अँगूठी ढूँढ़ते कैसे लगेंगे
    Raj
    6 Likes
    उस के गालो की ख़ला से मेरा बोसा बिगड़ा है
    दूर रक्खें शोख़ बच्चो को सभी दीवार से
    Raj
    3 Likes
    सवाल है घड़ी ईजाद करने वाले से
    मिलायी पहली घड़ी उस ने किस घड़ी के साथ
    Raj
    3 Likes

Top 10 of Similar Writers