दर्द अपना किसी को बताते नहीं
    ज़ख़्म अपने किसी को दिखाते नहीं

    चाहता आप को सोचता हूँ मगर
    फूल बावरों की टोली को भाते नहीं

    चाँद को दूर से मैं निहारा किया
    छत यही पास है वो बुलाते नहीं

    अब पढ़ाई लिखाई से मन भर गया
    ये रिलेशन समझ यार आते नहीं

    कौन अच्छा यहाँ कौन बेकार है
    साथ अपने कहीं भी निभाते नहीं
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    Tiwari Jitendra
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    मर गया हूँ मैं किसी की आशिक़ी में
    लाश है बस जिस्म मेरी ज़िंदगी में
    Tiwari Jitendra
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    कुछ अधूरे से ख़्वाब मिलते हैं
    प्यार में बस अज़ाब मिलते हैं

    हम ने दरिया निचोड़ डाला है
    उस को आँखों से आब मिलते हैं

    उम्र भर प्यार कौन करता है
    वक़्त रहते गुलाब मिलते हैं

    चैट पे कब तलक गुज़ारें दिन
    उस ने बोला जनाब मिलते हैं

    देखने को जिसे चला आया
    वो पहन कर हिजाब मिलते हैं
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    Tiwari Jitendra
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    अब पढ़ाई लिखाई से मन भर गया
    ये रिलेशन समझ यार पाते नहीं
    Tiwari Jitendra
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    मिला है दुख सदा मुझ को मेरा दुख से ये नाता है
    मिरे ख़ुद घाव में मरहम लगा कर दुख सुलाता है
    Tiwari Jitendra
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    चलो कर के देखेंगे इज़हार अब की
    मुहब्बत न होगी अदावत तो होगी
    Tiwari Jitendra
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    कभी तो मुझे छोड़ जाओगे तुम भी
    कहोगे मुझे अब कि फ़ुर्सत नहीं है

    भला इस तरह क्यूँ सताने लगे हो
    कहीं छोड़ जाने की हसरत नहीं है
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    Tiwari Jitendra
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    अदावत मुहब्बत रफ़ाक़त नहीं है
    हमें तुम सेे कोई शिकायत नहीं है

    दिलों को लगाने लगे हो जहाँँ तुम
    वहाँ तो किसी को मुहब्बत नहीं है
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    Tiwari Jitendra
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    झूठ बोला नहीं रहोगे तुम
    सच अभी झूठ से नहीं डरता
    Tiwari Jitendra
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    मौत का क्या किसे छू कर निकल जाए
    कुछ दुआएँ रखो तुम मौत टल जाए
    Tiwari Jitendra
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