तुझ को मेरी आमद की अब क्या ही चिंता
    लोग रखे हैं तू ने अब तो नए-नवेले
    Vinay Khandelwal
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    जाओ तुम भी जा कर अपना खेल सुधारो
    पत्थर ले कर सीधा मेरे दिल पर मारो

    या तो कर लो शहज़ादों से रिश्तेदारी
    या तो फिर इस खेल में अपना सब कुछ हारो
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    Vinay Khandelwal
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    उस को कभी दे रक्खा था बस इसीलिए
    अब तक मेरा एक ही नंबर चालू है
    Vinay Khandelwal
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    ये गर्दिश ये मौसम ये राहें पुरानी
    मोहब्बत में भीगी ये आहें पुरानी
    Vinay Khandelwal
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    सारी बातें छोड़ तू मुझ को रोने दे
    ये रिश्ता भी तोड़ तू मुझ को रोने दे
    Vinay Khandelwal
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    तेरा मैं हूँ भले खिलौना
    मेरी तू अरदास रहेगी
    Vinay Khandelwal
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    ये रातें कैसी राइगानी में कट रही है
    बची खुची सांसे भी पानी में कट रही है
    Vinay Khandelwal
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    दुश्वारियाँ ऐसी हर काम में आई
    कुछ यादें हमें हर जाम में आई

    हर शाम मिला कुछ बातों से तेरी
    ये कैसी सुब्ह जो हर शाम में आई
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    Vinay Khandelwal
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    कच्ची दीवार हो बस मकान अच्छे हो
    मोहब्बत में जो हो फिर नुक़सान अच्छे हो

    मंज़ूर हैं मुझे यहाँ के सब बल्ब फीके
    बस ख़याल रखना के रौशनदान अच्छे हो
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    Vinay Khandelwal
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    ये मोहब्बत का सिला है सब को मिलता है
    ये मुझे जो कुछ मिला है सब को मिलता है
    Vinay Khandelwal
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