ये जो ढलती हुई जवानी है
    हर नए साल की कहानी है

    देख आँखें मेरी बता मुझ को
    इस
    में किस नाम की निशानी है
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    Aman Mishra 'Anant'
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    जो अंदर में है जारी जंग हूँ मैं
    बताऊँ क्या कि कितना तंग हूँ मैं

    वही तू जो पहनती ही नहीं है
    उसी बुरक़े का काला रंग हूँ मैं
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    Aman Mishra 'Anant'
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    पूजित तुलसी हर दिन बतलाती थी
    माँ सूरज से पहले उठ जाती थी

    मुझ को वैसे पढ़नी है ये दुनिया
    जैसे नानी मानस पढ़वाती थी
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    Aman Mishra 'Anant'
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    दुख बहुत है दोस्त कम है
    इस लिए बस आँख नम है
    Aman Mishra 'Anant'
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    हदें सब तोड़ भागूँगा किसी दिन
    नया रस्ता बना लूँगा किसी दिन

    मैं या तो मार दूँगा तुम सभी को
    या ख़ुद को मार डालूँगा किसी दिन
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    Aman Mishra 'Anant'
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    जब उस के ठुकराए आते है
    दुनिया से उकताए आते है

    पहले तुम आती थी सपनों में
    अब सपनों में साए आते है
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    Aman Mishra 'Anant'
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    मैं ने सोचा था अच्छा होगा
    मालूम कहाँ था ऐसा होगा

    जो होगा तेरे बा'द मिरा अब
    जाने अंजाने तेरा होगा

    ये सूरज जो इतना जलता है
    पानी दो शायद प्यासा होगा

    मिट्टी से तन बनता है, माना
    फिर पत्थर से क्या बनता होगा

    दुनिया जीतेगा ले जाएगा
    वो जो भी उस का दूल्हा होगा
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    Aman Mishra 'Anant'
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    मुझे अब दुआ की ज़रूरत नहीं है
    तू है ना ख़ुदा की ज़रूरत नहीं है

    ज़रूरत नहीं है तुझे यार मेरी
    तुझे बद-दु'आ की ज़रूरत नहीं है

    वो छू कर गया है बदन यार ऐसे
    मुझे अब दवा की ज़रूरत नहीं है

    ज़रूरत सभी को बहुत की यहाँ पर
    किसी को ज़रा की ज़रूरत नहीं है

    वो देकर गया है मुआ'फ़ी मुझे यूँ
    किसी भी सज़ा की ज़रूरत नहीं है

    समझ ना ज़रा मेरी हालत समझ ना
    बला दे सदा की ज़रूरत नहीं है

    ज़रूरत अमन क्या किसीको हो तेरी
    किसीको ख़ला की ज़रूरत नहीं है
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    Aman Mishra 'Anant'
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    ये इक रोज़ बिछड़ जाने का डर मौला
    डाल गया है मेरे मन में घर मौला

    या तो उस को लिख मेरी क़िस्मत में तू
    या फिर मेरे सजदे वापस कर मौला
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    Aman Mishra 'Anant'
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    बस एक वही थी जो भरोसे वाली थी
    वरना तो ये दुनिया धोखे वाली थी

    मेरी गीता में शामिल थी आयत भी
    इस कृष्णा की राधा बुरखे वाली थी
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    Aman Mishra 'Anant'
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