Ameer Minai

Top 10 of Ameer Minai

    उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ
    ढूँडने उस को चला हूँ जिसे पा भी न सकूँ




    डाल के ख़ाक मेरे ख़ून पे क़ातिल ने कहा
    कुछ ये मेहंदी नहीं मेरी कि छुपा भी न सकूँ




    ज़ब्त कम-बख़्त ने याँ आ के गला घोंटा है
    कि उसे हाल सुनाऊँ तो सुना भी न सकूँ




    नक़्श-ए-पा देख तो लूँ लाख करूँँगा सज्दे
    सर मिरा अर्श नहीं है जो झुका भी न सकूँ




    बे-वफ़ा लिखते हैं वो अपने क़लम से मुझ को
    ये वो क़िस्मत का लिखा है जो मिटा भी न सकूँ




    इस तरह सोए हैं सर रख के मिरे ज़ानू पर
    अपनी सोई हुई क़िस्मत को जगा भी न सकूँ
    Read Full
    Ameer Minai
    1 Like
    तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा
    मुझ को ग़ुस्से पे प्यार आता है
    Ameer Minai
    41 Likes
    जवाँ होने लगे जब वो तो हम से कर लिया पर्दा
    हया यक-लख़्त आई और शबाब आहिस्ता आहिस्ता
    Ameer Minai
    28 Likes
    फ़िराक़-ए-यार ने बेचैन मुझ को रात भर रक्खा
    कभी तकिया इधर रक्खा कभी तकिया उधर रक्खा
    Ameer Minai
    35 Likes
    अभी आए अभी जाते हो जल्दी क्या है दम ले लो
    न छेड़ूँगा मैं जैसी चाहे तुम मुझ से क़सम ले लो
    Ameer Minai
    21 Likes
    तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा कर
    सरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर
    Ameer Minai
    30 Likes
    कौन सी जा है जहाँ जल्वा-ए-माशूक़ नहीं
    शौक़-ए-दीदार अगर है तो नज़र पैदा कर
    Ameer Minai
    20 Likes
    गाहे गाहे की मुलाक़ात ही अच्छी है 'अमीर'
    क़द्र खो देता है हर रोज़ का आना जाना
    Ameer Minai
    31 Likes
    ख़ंजर चले किसी पे तड़पते हैं हम 'अमीर'
    सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है
    Ameer Minai
    26 Likes
    कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं
    नाख़ुदा जिन का नहीं उन का ख़ुदा होता है
    Ameer Minai
    30 Likes

Top 10 of Similar Writers