Taufique Habib

Top 10 of Taufique Habib

    इस बात से दिल नहीं है अंजान अब
    आबाद था दिल मिरा है वीरान अब

    बेजान दिल इश्क़ से हो ये फिर कभी
    आबाद इस का नहीं कुछ इमकान अब

    बेकार इस काम से मैं हूँ हो चुका
    ऐ यार बेज़ार कर दो ऐलान अब

    कोई न हो पाए दाख़िल अब इस लिए
    दिल पे दिया है बिठा सो दरबान अब

    बनना कभी था मुझे ये तो वो कभी
    बनना मुझे है ख़ुदाया इंसान अब
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    पुराने हुए तो भुला देते हैं
    नए चेहरों को फिर सदा देते हैं
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    बेकार इस काम से मैं हूँ हो चुका
    ऐ यार बेज़ार कर दो ऐलान अब
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    आदमी को ये बताना है
    सब को ख़ाली हाथ जाना है
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    ये ज़ख़्म तो कब का भर चुका था
    मैं अश्क को मरहम कर चुका था

    अब दर्द की लाया है दवाएँ
    बीमार तो कब का मर चुका था
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    जब तलब है बहिश्त की तो फिर
    दिल की इस्लाह क्यूँ नहीं करता
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    ये ज़ख़्म तो कब का भर चुका था
    मैं अश्क को मरहम कर चुका था
    Taufique Habib
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    ये फ़सादात का ज़माना है
    दिल हिदायात पर लगाना है

    हो ख़सारा अगर मुझे इस
    में
    तो बहाना नहीं बनाना है

    फिर ख़यालात पर नहीं क़ाबू
    इस क़दर रात शाइराना है
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    कुछ न होने से फिर यही होगा
    अपना पेशा भी शा'इरी होगा

    अब नहीं दिल किसी ख़ुशी पर ख़ुश
    दिल किसी बात पर दुखी होगा

    हो गया है सवाल ये कैसा
    गर न भी दूँ जवाब ही होगा

    मैं अगर ख़्वाब पर यक़ीं कर लूँ
    जो दिखा है अलामती होगा

    तुम नहीं ख़्वाब में मिरे जानाँ
    तो यही ख़्वाब आख़िरी होगा
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    कुछ ना होने से फिर यही होगा
    अपना पेशा भी शा'इरी होगा
    Taufique Habib
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