Shayra kirti

Top 10 of Shayra kirti

    झूठ कहते आदमी को क्या पता है
    बे-वफ़ाई सूँघ सकती है इक औरत
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    चुप अगर रहने लगे औरत कोई
    जान लेना खो चुके हो तुम उसे
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    उस ने अपनी पिक के नीचे डाले हैं दो लाल दिल और
    हर कोई ये चल रहा है मानकर, उस के लिए है
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    जुदाई का असर होता है कुछ दिन बा'द में आ कर
    बिछड़ कर शाख़ से इकदम नहीं ये फूल मुरझाते
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    मुस्कुरा रहे हैं आप दोस्त आप कौन हैं
    चाह क्या रहे हैं आप दोस्त आप कौन हैं

    हम हज़ीं हैं मुब्तिला इबादत-ए-फ़िराक़ में
    आज़मा रहें हैं आप दोस्त आप कौन हैं

    हम दुकान बंद कर चुके हैं इश्क़ की जनाब
    खटखटा रहें हैं आप दोस्त आप कौन हैं

    ज़ख़्म वो जो जिस्म हो चुके हैं रिसते रिसते अब
    देख पा रहे हैं आप दोस्त आप कौन हैं

    सात साल जान-माल ले के पूछते हैं वो
    जान खा रहे हैं आप दोस्त आप कौन हैं

    बाग में मेरे मेरी ही नाक के तले ग़ज़ब
    गुल खिला रहे हैं आप दोस्त आप कौन हैं

    बज़्म में वफ़ा जफ़ा दग़ा हया की बात है
    तिलमिला रहे हैं आप दोस्त आप कौन हैं

    बार-बार बात-बात में उसी अज़ीज़ का
    नाम ला रहे हैं आप दोस्त आप कौन हैं

    लोग-बाग पूछते हैं पढ़ के तुझ को कीर्ति
    जी जला रहें हैं आप दोस्त आप कौन हैं
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    नहीं मानेंगे घरवाले ये कह कर था मुझे छोड़ा
    फिर उस के बा'द में उस ने किसी से करली लव मैरिज
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    बहुत आसान रखते हैं मुहब्बत को नए मजनूँ
    नसों को काट लेते हैं नशों में डूब जाते हैं
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    कभी ये भी नहीं पूछा है गर्दन पे निशाँ कैसा
    हमें अंधी मोहब्बत थी हमें अंधा भरोसा था
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    मिला उस शख़्स से हम को फ़क़त धोखा ही धोखा था
    मगर फिर भी कभी हम ने उसे रोका न टोका था

    कभी ये भी नहीं पूछा है गर्दन पे निशाँ कैसा
    हमें अंधी मोहब्बत थी हमें अंधा भरोसा था

    इधर था सौत का साया उधर थे हिज्र के बादल
    हमें ऐसे भी मरना था हमें वैसे भी मरना था

    हमें उस सेे मुहब्बत थी उसे इस का तकाज़ा था
    न होते भी हुए रिश्ता ये बिल्कुल एकतरफा था

    तुम्हीं ने कीर्ति दिल में ठगों को दे दिया दर्जा
    तुम्हारी चाह में वरना एक से एक लड़का था
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    औरत की ताक़त पर जानाँ शक नइ करते
    पत्थर पिघला देती है सीने से लगाकर
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