Manish Pithaya

Top 10 of Manish Pithaya

    मुसलसल हम भटकते तीरगी में
    न लाते गर हमें तुम रौशनी में
    Manish Pithaya
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    ज़माने को ज़रूरत है मोहब्बत की मुरव्वत की
    मगर हम ने तो नफ़रत के सिवा दिल में रखा क्या है
    Manish Pithaya
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    अना हिर्स-ओ-हवस नफ़रत कभी सजने नहीं देंगे
    सजाया है अगर जीवन मोहब्बत ने सजाया है
    Manish Pithaya
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    सदा हो आसरा बस आप का यूँँ
    कि साँसें बीत जाएँ बंदगी में
    Manish Pithaya
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    एक तो बेदाग़ है सीरत भी उस की
    और लब पर तिल बड़ा बदमाश उस का
    Manish Pithaya
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    तर्जनी पर गिन सज़ा के दिन मेरे तू
    इक मुझी पर जुर्म का दावा चला है
    Manish Pithaya
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    ईंट का उत्तर अगर पत्थर है तो हैवानियत है
    जो ख़ुदा को देख पाया सब में तो रूहानियत है

    धर्म इक ख़ुशबू है जिस सेे है महकता ये जहाँ है
    जान ले इंसाँ अगर ईमान तो इंसानियत है
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    Manish Pithaya
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    अना जब छोड़ देगी सारी दुनिया
    फिर उल्फ़त ही बचेगी आदमी में
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    तू ही तो सब सेे पास है
    तुझ सेे मेरा हर श्वास है

    देखो ख़ुदा ये हर जगह
    मौजूद है एहसास है

    नूर-ए-हक़ीक़त पा लिया
    फिर हर नज़ारा ख़ास है

    जब तू मिला तो मिट गई
    इस आत्मा की प्यास है

    मुझ बे-अदब मग़रूर को
    रहम-ओ-करम की आस है

    ये इश्क़ हासिल है उसे
    जिस का अटल विश्वास है
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    मिटता रहा बदन हस्ती कब रही किसी की
    साँसें न लड़ सकीं तो मख़्लूक छोड़ आया
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