Manish Pithaya

Manish Pithaya

@manishpithaya1712

Manish Pithaya shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Manish Pithaya's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
अकड़ को छोड दे बंदे न तेरे काम आएगी
तू ज़िंदा है अभी फिर क्यूँँ भला किरदार को भूले
Manish Pithaya
आलम-ए-इंसानियत क्या देखिए
ज़ात मज़हब का तमाशा देखिए

जाँ लुटा दी रौशनी के वास्ते
कैसा पागल है पतंगा देखिए
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Manish Pithaya
ज़िंदगी तू बदल गई लेकिन
हम से क्या हो सका मोहब्बत में
Manish Pithaya
अना हिर्स-ओ-हवस नफ़रत दुखी रखते हैं मुझ को गर
नहीं समझा हूँ मैं फिर अपने ही ग़म-ख़्वार की बातें
Manish Pithaya
बात गूँगो की समझनी हो अगर
उन के हाथों का इशारा देखिए
Manish Pithaya
तेरी सिखलाई सँवारे ज़िंदगानी
और किरदारों की ये बदले कहानी
Manish Pithaya
उठी थी आग चिंगारी से देखो
लगी थी शक कि बीमारी से देखो

कि दानाई को तुम रक्खो परे अब
निभा के तुम भी दिलदारी से देखो
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Manish Pithaya
मुसलसल हम भटकते तीरगी में
न लाते गर हमें तुम रौशनी में
Manish Pithaya
आज इस संसार में इंसान क्यूँँ दिलगीर है
दर-हक़ीक़त ये तकब्बुर पाँव की ज़ंजीर है
Manish Pithaya
हूँ मुश्त-ए-ख़ाक तू उपकार कर दे
हक़ीक़त का मुझे हक़दार कर दे

शिकायत-गर भी करते हैं तशक्कुर
तू जिस की ज़िंदगी हमवार कर दे
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Manish Pithaya
ज़माने को ज़रूरत है मोहब्बत की मुरव्वत की
मगर हम ने तो नफ़रत के सिवा दिल में रखा क्या है
Manish Pithaya
अना हिर्स-ओ-हवस नफ़रत कभी सजने नहीं देंगे
सजाया है अगर जीवन मोहब्बत ने सजाया है
Manish Pithaya
सदा हो आसरा बस आप का यूँँ
कि साँसें बीत जाएँ बंदगी में
Manish Pithaya
एक तो बेदाग़ है सीरत भी उस की
और लब पर तिल बड़ा बदमाश उस का
Manish Pithaya
तर्जनी पर गिन सज़ा के दिन मेरे तू
इक मुझी पर जुर्म का दावा चला है
Manish Pithaya
ईंट का उत्तर अगर पत्थर है तो हैवानियत है
जो ख़ुदा को देख पाया सब में तो रूहानियत है

धर्म इक ख़ुशबू है जिस सेे है महकता ये जहाँ है
जान ले इंसाँ अगर ईमान तो इंसानियत है
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Manish Pithaya
अना जब छोड़ देगी सारी दुनिया
फिर उल्फ़त ही बचेगी आदमी में
Manish Pithaya
मिटता रहा बदन हस्ती कब रही किसी की
साँसें न लड़ सकीं तो मख़्लूक छोड़ आया
Manish Pithaya