Surbhi Sharma

Top 10 of Surbhi Sharma

    क़लम से ही मुहब्बत की है कातिब ने
    ये उल्फ़त मुझ से की जाए तो अच्छा है
    Surbhi Sharma
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    जो बादल बन के तुम छाए तो अच्छा है
    जो बारिश इश्क़ की आए तो अच्छा है
    Surbhi Sharma
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    वाक़िफ़ तो हो गए हम मक़सद से आप के भी
    ये जानकर हक़ीक़त नज़रें चुरा रहे हो
    Surbhi Sharma
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    छोड़ो न अब ये ज़िद भी सुरभी से इश्क़ की तुम
    जलती सी आग के तुम क्यूँँ पास जा रहे हो
    Surbhi Sharma
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    लिखो कुछ आप यूँँ अल्फ़ाज़ अब ता'रीफ़ में मेरी
    ग़ज़ल ये आप के ही इश्क़ में मैं ने सुनाई है
    Surbhi Sharma
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    तसुव्वर में ही क्यूँँ समाए हो तुम अब
    तभी तो मोहब्बत में वीरानियाँ हैं
    Surbhi Sharma
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    जो हो तुम तो फिर सारी रुस्वाइयाँ हैं
    अगर तुम न हो तो ये तन्हाइयाँ हैं
    Surbhi Sharma
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    हटा साया यूँँ सर से अपनों का मेरे
    मुझे दी जाम की सब ने समझदारी
    Surbhi Sharma
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    तेरी नज़दीकियाँ मौसमी ही रहीं
    सुब्ह बरसात तो रात सूखा पड़ा
    Surbhi Sharma
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    है दवा है मज़ा इश्क़ का ये नशा
    दिल में जो था तेरे वो पता अब चला
    Surbhi Sharma
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