Surbhi Sharma

Surbhi Sharma

@surbhisharma.7240

Surbhi Sharma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Surbhi Sharma's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
अभी तो आए हो फिर क्यूँँ चले जाना है दोबारा
चलो तो फिर दिल-ए-हसरत में दिन से शाम करते हैं
Surbhi Sharma
देखो इज़्ज़त यहाँ हुलिए से ही मिलती है तो
फिर भिखारी को यूँँ मौक़ा न दिया जा सकता
Surbhi Sharma
मेरी ग़लती थी जो अपने भी थे रूठे मुझ सेे
पर मुआ'फ़ी के बिना अब न जिया जा सकता
Surbhi Sharma
तुम वही वक़्त वो बचपन तो नहीं ला सकते
जैसे कपड़ा हो घिसा वो न सिया जा सकता
Surbhi Sharma
उस की वफ़ा का मुझ को है ए'तिबार कहना
अच्छा लगे है मुझ को उस का गॅंवार कहना
Surbhi Sharma
न खोलो मेरे ये दिल के ग़लीज़ कमरे को
वहाँ पे आज भी माज़ी का जाल रक्खा है
Surbhi Sharma
ये दर्द तुम ने जो आँखों में पाल रक्खा है
कोई रफ़ीक़ है जो यूँँ ख़याल रक्खा है
Surbhi Sharma
ये दर्द इतना जो आँखों में पाल रक्खा है
ये तेरा यार है जो यूँँ ख़याल रक्खा है
Surbhi Sharma
क़लम से ही मुहब्बत की है कातिब ने
ये उल्फ़त मुझ से की जाए तो अच्छा है
Surbhi Sharma
जो बादल बन के तुम छाए तो अच्छा है
जो बारिश इश्क़ की आए तो अच्छा है
Surbhi Sharma
मैं अगर ये ग़म न ढोता ज़िंदगी
तो मैं बारिश में न रोता ज़िंदगी
Surbhi Sharma
वाक़िफ़ तो हो गए हम मक़सद से आप के भी
ये जानकर हक़ीक़त नज़रें चुरा रहे हो
Surbhi Sharma
छोड़ो न अब ये ज़िद भी सुरभी से इश्क़ की तुम
जलती सी आग के तुम क्यूँँ पास जा रहे हो
Surbhi Sharma
लिखो कुछ आप यूँँ अल्फ़ाज़ अब ता'रीफ़ में मेरी
ग़ज़ल ये आप के ही इश्क़ में मैं ने सुनाई है
Surbhi Sharma
तसुव्वर में ही क्यूँँ समाए हो तुम अब
तभी तो मोहब्बत में वीरानियाँ हैं
Surbhi Sharma
जो हो तुम तो फिर सारी रुस्वाइयाँ हैं
अगर तुम न हो तो ये तन्हाइयाँ हैं
Surbhi Sharma
हटा साया यूँँ सर से अपनों का मेरे
मुझे दी जाम की सब ने समझदारी
Surbhi Sharma
तेरी नज़दीकियाँ मौसमी ही रहीं
सुब्ह बरसात तो रात सूखा पड़ा
Surbhi Sharma
है दवा है मज़ा इश्क़ का ये नशा
दिल में जो था तेरे वो पता अब चला
Surbhi Sharma