Umair Najmi

Top 10 of Umair Najmi

    याद तब करते हो करने को न हो जब कुछ भी
    और कहते हो तुम्हें इश्क़ है मतलब कुछ भी

    अब जो आ आ के बताते हो वो शख़्स ऐसा था
    जब मेरे साथ था वो क्यूँँ न कहा तब कुछ भी

    वक्फ़े-वक्फ़े से मुझे देखने आते रहना
    हिज्र की शब है सो हो सकता है इस शब कुछ भी
    Read Full
    Umair Najmi
    70 Likes
    वो मुँह लगाता है जब कोई काम होता है
    जो उस का होता है समझो ग़ुलाम होता है

    किसी का हो के दुबारा न आना मेरी तरफ़
    मोहब्बतों में हलाला हराम होता है

    इसे भी गिनते हैं हम लोग अहल-ए-ख़ाना में
    हमारे याँ तो शजर का भी नाम होता है

    तुझ ऐसे शख़्स के होते हैं ख़ास दोस्त बहुत
    तुझ ऐसा शख़्स बहुत जल्द आम होता है

    कभी लगी है तुम्हें कोई शाम आख़िरी शाम
    हमारे साथ ये हर एक शाम होता है
    Read Full
    Umair Najmi
    83 Likes
    किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने
    फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
    Umair Najmi
    162 Likes
    मैं चाहता था मुझ सेे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे
    लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
    Umair Najmi
    99 Likes
    झुक के चलता हूँ कि क़द उस के बराबर न लगे
    दूसरा ये कि उसे राह में ठोकर न लगे

    ये तेरे साथ तअ'ल्लुक़ का बड़ा फ़ाइदा है
    आदमी हो भी तो औक़ात से बाहर न लगे

    नीम तारीक सा माहौल है दरकार मुझे
    ऐसा माहौल जहाँ आँख लगे डर न लगे

    माँओं ने चूमना होते हैं बुरीदा सर भी
    उस से कहना कि कोई ज़ख़्म जबीं पर न लगे

    ये तलबगार निगाहों के तक़ाज़े हर सू
    कोई तो ऐसी जगह हो जो मुझे घर न लगे

    ये जो आईना है देखूँ तो ख़ला दिखता है
    इस जगह कुछ भी न लगवाऊँ तो बेहतर न लगे

    तुम ने छोड़ा तो किसी और से टकराऊँगा मैं
    कैसे मुमकिन है कि अंधे का कहीं सर न लगे
    Read Full
    Umair Najmi
    46 Likes
    बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं
    लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं

    नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
    मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
    Read Full
    Umair Najmi
    1246 Likes
    कमरे में सिगरेटों का धुआँ और तेरी महक
    जैसे शदीद धुँध में बाग़ों की सैर हो
    Umair Najmi
    75 Likes
    निकाल लाया हूँ एक पिंजरे से इक परिंदा
    अब इस परिंदे के दिल से पिंजरा निकालना है
    Umair Najmi
    103 Likes
    जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई
    पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
    Umair Najmi
    109 Likes
    नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
    मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
    Umair Najmi
    202 Likes

Top 10 of Similar Writers