Unknown

Top 10 of Unknown

    ये दुनिया ग़म तो देती है शरीक-ए-ग़म नहीं होती
    किसी के दूर जाने से मोहब्बत कम नहीं होती
    Unknown
    44 Likes
    ज़िंदगी कहते हैं जिस को चार दिन की बात है
    बस हमेशा रहने वाली इक ख़ुदा की ज़ात है
    Unknown
    66 Likes
    मुनाफ़िक़ दोस्तों से लाख बेहतर हैं ख़ुदा दुश्मन
    कि ग़द्दारी नवाबों से हुकूमत छीन लेती है
    Unknown
    58 Likes
    ला पिला दे साक़िया पैमाना पैमाने के बा'द
    बात मतलब की करूँँगा होश आ जाने के बा'द

    जो जलाता है किसी को ख़ुद भी जलता है ज़रूर
    शम्अ''' भी जलती रही परवाना जल जाने के बा'द

    दिल मिरा लेने की ख़ातिर मिन्नतें क्या क्या न कीं
    कैसे नज़रें फेर लीं मतलब निकल जाने के बा'द

    उठ चलो बस ए ज़फ़र इस महफ़िल-ए-अग़्यार से
    वर्ना पीनी ही पड़ेगी दौर चल जाने के बा'द
    Read Full
    Unknown
    6 Likes
    जिन के किरदार से आती हो सदाक़त की महक
    उन की तदरीस से पत्थर भी पिघल सकते हैं
    Unknown
    41 Likes
    या रब मिरी दु'आओं में इतना असर रहे
    फूलों भरा सदा मिरी बहना का घर रहे
    Unknown
    44 Likes
    तुम्हारे नाम की हर लड़की से मिला हूँ मैं
    तुम्हारा नाम फ़क़त तुम पे अच्छा लगता है
    Unknown
    114 Likes
    ये सोच कर के वो खिड़की से झाँक ले शायद
    गली में खेलते बच्चे लड़ा दिए मैं ने
    Unknown
    67 Likes
    लोग काँटों से बच के चलते हैं
    मैं ने फूलों से ज़ख़्म खाए हैं
    Unknown
    80 Likes
    इस दौर-ए-सियासत का इतना सा फ़साना है
    बस्ती भी जलानी है मातम भी मनाना है
    Unknown
    85 Likes

Top 10 of Similar Writers