अभी दूर हैं जितने ही पास थे हम
    कि दुश्मन हैं अब जो कभी ख़ास थे हम

    रखा दूर हम ने उसे अपने दिल से
    उसे भी तो आते कहाँ रास थे हम

    दिखा कर ये तस्वीर इक दिन कहेंगें
    ये है दोस्त मेरा यहीं पास थे हम

    अलग पहले उस ने रखा सब सेे मुझ को
    मुझे फिर उसी ने कहा ख़ास थे हम
    Read Full
    Vivek Chaturvedi
    1 Like
    शहीदों के शहादत को हमें याद रखना है
    हमें या'नी वतन को अपनें आज़ाद रखना है
    Vivek Chaturvedi
    2 Likes
    इस परिंदे को शज़र में लौटना है
    अब मुझे तेरी नज़र में लौटना है
    Vivek Chaturvedi
    2 Likes
    वो चला गया फ़क़त मेरे एक ग़लती पे ही छोड़ के मुझे
    जो कभी मिरे ही ग़लती पे बोला था की तुझे छोड़ूँगा नहीं
    Vivek Chaturvedi
    4 Likes
    आईने को  रख दिया ,उन के चेहरे के सामने
    या'नी हाज़िर किया, अपनी जाँ उन के सामने
    Vivek Chaturvedi
    1 Like
    जीने लगा हूँ मैं भी तब से
    मरने लगा हूँ तुझ पे जब से
    Vivek Chaturvedi
    1 Like
    उन के  नजरों में  चढ़ गए हैं हम
    जिन के नजरों से गिर गए थे हम
    Vivek Chaturvedi
    6 Likes
    वो चाहता तो मिटा देता मेरे हाथों की लकीरों को
    मेरे हाथों की लकीरें भी उसी के हाथ में थी
    Vivek Chaturvedi
    2 Likes
    फिल्मी विलिनो से कम थोड़ी न है ये कोरोना
    गर जान से मिलने जाओ तो जान को ख़तरा है
    Vivek Chaturvedi
    1 Like
    याद कर लेता हूँ रोज़ हर किसी को
    ज़िन्दगी जाने कब इम्तिहान लेले
    Vivek Chaturvedi
    1 Like

Top 10 of Similar Writers