Musarif Husain Mansoori

Musarif Husain Mansoori

@Musarifhusain

Musarif Husain Mansoori shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Musarif Husain Mansoori's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
इतनी क़ुर्बत भी नहीं है कि लिपट कर रो लें
ऐसे बिछड़े भी नहीं हैं कि क़रार आ जाए
Musarif Husain Mansoori
जानना चाहो तो क़रीब आओ
मैं तुम्हें दिल का हाल बतलाऊँ

इतना रौशन अभी नहीं हूँ मैं
जो तुम्हें, दूर से नज़र आऊँ!
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Musarif Husain Mansoori
पहले सब अरमान कुचलना सीखे हैं
तब जा कर ग़ुर्बत में चलना सीखे हैं
Musarif Husain Mansoori
बड़े अदब से मुझे रायगाँ बनाया गया
मैं वो चराग़ हूँ जो धूप में जलाया गया
Musarif Husain Mansoori
उस को भी मेरे पास में आना नहीं आता
मुझ को भी इशारों से बुलाना नहीं आता

सीने से लगाए तो मैं अहसास करा दूँ
लफ़्ज़ों से मुझे प्यार जताना नहीं आता
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Musarif Husain Mansoori
गुनाह इश्क़' अगर है, तो फिर गुनाह करो
और इस गुनाह को दुनिया में बेपनाह करो

नहीं है बात ये में'यार को मेरे, मंज़ूर
मैं तुम को शे'र सुना कर कहूँ कि, वाह करो
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Musarif Husain Mansoori
जहाँ का हम सेे कोई राब्ता निभा न सको
तुम इतने दूर न जाओ कि पास आ न सको

तुम्हारी शुद्ध कमाई हूँ मैं ख़याल रहे
मुझे यूँँ खर्च न करना कि फिर कमा न सको
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Musarif Husain Mansoori
नहीं दी अहमियत यूँँ भी किसी ने
सभी को मुफ़्त में हासिल हुए हम
Musarif Husain Mansoori