Romantic Shayari Collection - Dil se nikle pyaar bhare alfaaz for your special someone

Romantic shayari beautifully captures the essence of love, where emotions flow through heartfelt words and soft expressions. Whether it's first love, deep connection, or unspoken feelings, these lines help you express your dil ki baat in the most poetic way. Perfect for sharing with your special someone, romantic shayari adds warmth, charm, and intimacy to every moment.

pyaar shayari
इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से
मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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ishq shayari
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं
उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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mohabbat shayari
करूँँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम
मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता
Ghulam Mohammad Qasir
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love shayari
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है
Hastimal Hasti
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romance shayari
तोहफ़ा, फूल, शिकायत, कुछ तो ले कर जा
इश्क़ से मिलने ख़ाली हाथ नहीं जाते
Tanoj Dadhich
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dil shayari
साँस लेती हूँ तो यूँँ महसूस होता है मुझे
जैसे मेरे दिल की हर धड़कन में शामिल आप हैं
Jaan Nisar Akhtar
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mehboob shayari
क्या कहूँ तुम से मैं कि क्या है इश्क़
जान का रोग है बला है इश्क़
Meer Taqi Meer
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ulfat shayari
दर्द हो दिल में तो दवा कीजे
दिल ही जब दर्द हो तो क्या कीजे
Mirza Ghalib
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junoon shayari
इज़हार-ए-इश्क़ उस से न करना था 'शेफ़्ता'
ये क्या किया कि दोस्त को दुश्मन बना दिया
Mustafa Khan Shefta
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के
बदन तो चू
मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
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Vikram Gaur Vairagi
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मकाँ तो है नहीं जो खींच दें दीवार इस दिल में
कोई दूजा नहीं रह पाएगा अब यार इस दिल में

जहाँ भर में लुटाते फिर रहे है कम नहीं होता
तुम्हारे वास्ते इतना रखा था प्यार इस दिल में
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Bhaskar Shukla
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रास्ता जब इश्क़ का मौजूद है
फिर किसी की क्यूँँ इबादत कीजिए?

ख़ुद-कुशी करना बहुत आसान है
कुछ बड़ा करने की हिम्मत कीजिए
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Bhaskar Shukla
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कभी कभी तो झगड़ने का जी भी चाहेगा
मगर ये जंग मोहब्बत से जीती जाएगी
Amaan Abbas Naqvi
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तेरी बातों में यूँँ भी आ गया मैं
भटकने का बहुत दिल कर रहा था
Shariq Kaifi
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दिल ऐसा कि सीधे किए जूते भी बड़ों के
ज़िद इतनी कि ख़ुद ताज उठा कर नहीं पहना
Munawwar Rana
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मैं इश्क़ कर रहा हूँ मगर सोचता भी हूँ
पिछले बरस जो हो चुका अब के बरस न हो
Ashu Mishra
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तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है
तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या जाने दे
Ali Zaryoun
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अब जो कोई पूछे भी तो उस से क्या शरह-ए-हालात करें
दिल ठहरे तो दर्द सुनाएँ दर्द थमें तो बात करें
Faiz Ahmad Faiz
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उन्हीं के फ़ैज़ से बाज़ार-ए-अक़्ल रौशन है,
जो गाह गाह जुनूँ इख़्तियार करते रहे
Faiz Ahmad Faiz
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आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा
Ahmad Faraz
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दिल देख के रो देता है मज़दूर के बच्चे
जब फावड़ा चुन लेते हैं बस्ता नहीं चुनते
Bhaskar Shukla
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माना के मोहब्बत का छुपाना है मोहब्बत
चुपके से किसी रोज़ जताने के लिए आ
Ahmad Faraz
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हम सेे फिर प्यार का इज़हार किया है तुम ने
ये तमाशा तो कई बार किया है तुम ने
Anjum Rehbar
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मुझे पहले पहल लगता था ज़ाती मसअला है
मैं फिर समझा मोहब्बत क़ायनाती मसअला है

परिंदे क़ैद हैं तुम चहचहाहट चाहते हो
तुम्हें तो अच्छा ख़ासा नफ़सियाती मसअला है
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Umair Najmi
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वो पास क्या ज़रा सा मुस्कुरा के बैठ गया
मैं इस मज़ाक़ को दिल से लगा के बैठ गया

दरख़्त काट के जब थक गया लकड़हारा
तो इक दरख़्त के साए में जा के बैठ गया
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Zubair Ali Tabish
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जमा हम ने किया है ग़म दिल में
इस का अब सूद खाए जाएँगे
Jaun Elia
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'जौन' दुनिया की चाकरी कर के
तू ने दिल की वो नौकरी क्या की
Jaun Elia
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उस के इश्क़ में बाल बढ़ाने वालों सुन लो
उस के घर वाले तो पैसा देखेंगे
Shaad Imran
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हम कुछ ऐसे उस के आगे अपनी वफ़ा रख देते हैं
बच्चे जैसे रेल की पटरी पर सिक्का रख देते हैं

तस्वीर-ए-ग़म, दिल के आँसू, रंज-ओ-नदामत, तन्हाई
उस को ख़त लिखते हैं ख़त में हम क्या क्या रख देते हैं
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Subhan Asad
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अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिल
हम वो नहीं कि जिन को ज़माना बना गया
Jigar Moradabadi
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सदाक़त हो तो दिल सीनों से खिंचने लगते हैं वाइज़
हक़ीक़त ख़ुद को मनवा लेती है मानी नहीं जाती
Jigar Moradabadi
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मोहब्बत में हम तो जिए हैं जिएँगे
वो होंगे कोई और मर जाने वाले
Jigar Moradabadi
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कोई मेरे दिल से पूछे तिरे तीर-ए-नीम-कश को
ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता
Mirza Ghalib
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इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी थे काम के
Mirza Ghalib
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वो जिस घमंड से बिछड़ा गिला तो इस का है
कि सारी बात मोहब्बत में रख-रखाव की थी
Ahmad Faraz
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देख मोहब्बत का दस्तूर
तू मुझ से मैं तुझ से दूर

कोशिश लाज़िम है प्यारे
आगे जो उस को मंज़ूर
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Nasir Kazmi
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तमाम फ़र्क़ मोहब्बत में एक बात के हैं
वो अपनी ज़ात का नईं है हम उस की ज़ात के हैं
Pallav Mishra
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अकेलेपन से कहाँ तालमेल होता है
खिलाड़ी इश्क़ में दो हों तो खेल होता है

न लेना इश्क़ के पर्चे में सौ से कम नंबर
यहाँ निनानवे वाला भी फेल होता है
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Rehman Faris
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लोग कहते हैं कि इस खेल में सर जाते हैं
इश्क़ में इतना ख़सारा है तो घर जाते हैं
Shakeel Jamali
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अगर हमारे ही दिल में ठिकाना चाहिए था
तो फिर तुझे ज़रा पहले बताना चाहिए था
Shakeel Jamali
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शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास
दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं
Firaq Gorakhpuri
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बढ़ाई मय जो मोहब्बत से आज साक़ी ने
ये काँपे हाथ कि साग़र भी हम उठा न सके
Majrooh Sultanpuri
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क्या बताऊँ कैसा ख़ुद को दर-ब-दर मैं ने किया
उम्र भर किस किस के हिस्से का सफ़र मैं ने किया

तू तो नफ़रत भी न कर पाएगा इस शिद्दत के साथ
जिस बला का प्यार तुझ सेे बे-ख़बर मैं ने किया
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Waseem Barelvi
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आप की सादा-दिली से तंग आ जाता हूँ मैं
मेरे दिल में रह चुके हैं इस क़दर हुश्यार लोग
Nomaan Shauque
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मैं जिसे प्यार का अंदाज़ समझ बैठा हूँ
वो तबस्सुम वो तकल्लुम तिरी आदत ही न हो
Sahir Ludhianvi
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फिर न कीजे मिरी गुस्ताख़-निगाही का गिला
देखिए आप ने फिर प्यार से देखा मुझ को
Sahir Ludhianvi
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वो पेड़ जिस की छाँव में कटी थी उम्र गाँव में
मैं चूम चूम थक गया मगर ये दिल भरा नहीं
Hammad Niyazi
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इस क़दर था खटमलों का चारपाई में हुजूम
वस्ल का दिल से मिरे अरमान रुख़्सत हो गया
Akbar Allahabadi
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मेरे भी दिल में राख उड़ती है
तेरे भी ख़्वाब इस असर में हैं
Nusrat Zehra
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तिरे बग़ैर अजब बज़्म-ए-दिल का आलम है
चराग़ सैंकड़ों जलते हैं रौशनी कम है
Shakeel Badayuni
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मिरे सलीक़े से मेरी निभी मोहब्बत में
तमाम उम्र मैं नाकामियों से काम लिया
Meer Taqi Meer
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अब जिस तरफ़ से चाहे गुज़र जाए कारवाँ
वीरानियाँ तो सब मिरे दिल में उतर गईं
Kaifi Azmi
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अपने दिल के ख़ून से वो गुल खिला देता हूँ मैं
रेगज़ारों को गुलिस्ताँ की अदा देता हूँ मैं
Qaisar Sidddiqui
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मोहब्बत की तो कोई हद, कोई सरहद नहीं होती
हमारे दरमियाँ ये फ़ासले, कैसे निकल आए
Khalid Moin
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फिर नज़र में फूल महके दिल में फिर शमएँ जलीं फिर तसव्वुर ने लिया उस बज़्म में जाने का नाम
Faiz Ahmad Faiz
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दिल जिन को ढूँढ़ता है न-जाने कहाँ गए
ख़्वाब-ओ-ख़याल से वो ज़माने कहाँ गए
Ambreen Haseeb Ambar
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हमारा दिल ज़रा उकता गया था घर में रह रह कर
यूँँही बाज़ार आए हैं ख़रीदारी नहीं करनी
Afzal Khan
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कुछ समझ में मिरी नहीं आता
दिल लगाने से फ़ाएदा क्या है
Anwar Taban
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दिल है परेशाँ उन की ख़ातिर
पल भर को आराम नहीं है
Anwar Taban
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किस काम की ऐसी सच्चाई जो तोड़ दे उम्मीदें दिल की
थोड़ी सी तसल्ली हो तो गई माना कि वो बोल के झूट गया
Arzoo Lakhnavi
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तुम्हारे पास आते हैं तो साँसें भीग जाती हैं
मोहब्बत इतनी मिलती है कि आँखें भीग जाती हैं

तबस्सुम इत्र जैसा है हँसी बरसात जैसी है
वो जब भी बात करती है तो बातें भीग जाती हैं
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Aalok Shrivastav
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा

हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में
अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
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Santosh S Singh
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ये जो मैं होश में रहता नहीं तुम सेे मिल कर
ये मिरा इश्क़ है तुम इस को नशा मत समझो
Shakeel Azmi
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इश्क़ को जब हुस्न से नज़रें मिलाना आ गया
ख़ुद-ब-ख़ुद घबरा के क़दमों में ज़माना आ गया
Asad Bhopali
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जब प्यार नहीं है तो भुला क्यूँँ नहीं देते
ख़त किस लिए रक्खे हैं जला क्यूँँ नहीं देते
Hasrat Jaipuri
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'शाद' ग़ैर-मुमकिन है शिकवा-ए-बुताँ मुझ से
मैं ने जिस से उल्फ़त की उस को बा-वफ़ा पाया
Shaad Arfi
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मोहब्बत का तुम से असर क्या कहूँ
नज़र मिल गई दिल धड़कने लगा
Akbar Allahabadi
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मैं ने पूछा था कि इज़हार नहीं हो सकता
दिल पुकारा कि ख़बर-दार नहीं हो सकता
Abbas Tabish
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इक बे-क़रार दिल से मुलाक़ात कीजिए
जब मिल गए हैं आप तो कुछ बात कीजिए
Naushad Ali
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इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ है
या'नी अपना ही मुब्तला है इश्क़
Meer Taqi Meer
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'नबील' इस इश्क़ में तुम जीत भी जाओ तो क्या होगा
ये ऐसी जीत है पहलू में जिस के हार चलती है
Aziz Nabeel
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जो मेरे साथ मोहब्बत में हुई आदमी एक दफा सोचेगा
रात इस डर में गुजारी हम ने कोई देखेगा तो क्या सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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दिल लगाओ तो लगाओ दिल से दिल
दिल-लगी ही दिल-लगी अच्छी नहीं
Hafeez Jalandhari
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जबकि मैं ने इश्क़ में मरने का वा'दा कर लिया
तब लगा मुझ को कि मैं ने इश्क़ ज़्यादा कर लिया
Siddharth Saaz
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रात यूँँ दिल में तिरी खोई हुई याद आई
जैसे वीराने में चुपके से बहार आ जाए
Faiz Ahmad Faiz
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इश्क़ में ख़ुद-कुशी नहीं करते
इश्क़ में इंतिज़ार करते हैं
Rajesh Reddy
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इश्क़ कहाँ अब पहले वाला होता है
इश्क़ से बढ़कर इश्क़ का चर्चा होता है
Shariq Kaifi
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मुद्दतें हो गईं बिछड़े हुए तुम से लेकिन
आज तक दिल से मिरे याद तुम्हारी न गई
Akhtar Shirani
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दरअस्ल मैं ने मशक़्क़त नहीं मोहब्बत की
हथेलियों पे नहीं मेरे दिल पे छाले है
Ismail Raaz
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तुझे करनी है तो मुसावात कर
कि बेहतर हमारे भी हालात कर

मिटा दिल में बनते ये सहराओं को
ख़ुदा अपने बंदों पे बरसात कर
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Siddharth Saaz
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सहज याद आ गया वो लाल होली-बाज़ जूँ दिल में
गुलाली हो गया तन पर मिरे ख़िर्क़ा जो उजला था
Wali Uzlat
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बाज़ार गली और कूचों में ग़ुल-शोर मचाया होली ने
दिल शाद किया और मोह लिया ये जौबन पाया होली ने
Nazeer Akbarabadi
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ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी
इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी
Jaun Elia
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तेरी रंजिश खुली तर्ज-ए-बयाँ से
न थी दिल में तो क्यूँँ निकली ज़बाँ से
Dagh Dehlvi
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बख़्शी हैं हम को इश्क़ ने वो जुरअतें 'मजाज़'
डरते नहीं सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ से हम
Asrar Ul Haq Majaz
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इश्क़ को पूछता नहीं कोई
हुस्न का एहतिराम होता है
Asrar Ul Haq Majaz
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सच तो ये है 'मजाज़' की दुनिया
हुस्न और इश्क़ के सिवा क्या है
Asrar Ul Haq Majaz
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सदा दी तू ने क्या जाने कहाँ से
मगर मैं जानिब-ए-दिल देखता हूँ
Asrar Ul Haq Majaz
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तुम सेे बिछड़ जाने का ख़याल अच्छा है
क्योंकि अभी मेरा भी हाल अच्छा है

उस ने पूछा तुम्हें कितनी महोब्बत है मुझ सेे
मैं ने कहा मालूम नहीं सवाल अच्छा है
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karan singh rajput
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हम जानते तो इश्क़ न करते किसू के साथ
ले जाते दिल को ख़ाक में इस आरज़ू के साथ
Meer Taqi Meer
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तुम्हारे ख़त को जलने में ज़रा सा वक़्त बाकी है
ये दिल बाहर निकलने में ज़रा सा वक़्त बाकी है

तुम्हारा फ़ैसला है पास रुकना या नहीं रुकना
मेरी क़िस्मत बदलने में ज़रा सा वक़्त बाकी है
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Tanoj Dadhich
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याराँ वो जो है मेरा मसीहा-ए-जान-ओ-दिल
बे-हद अज़ीज़ है मुझे अच्छा किए बग़ैर

मैं बिस्तर-ए-ख़याल पे लेटा हूँ उस के पास
सुब्ह-ए-अज़ल से कोई तक़ाज़ा किए बग़ैर
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Jaun Elia
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भरा है मेरे दिल को ज़ख़्मों से उस ने
वो जिस की मुझे माँग भरनी थी यारों
Tanoj Dadhich
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता
चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता

मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में
जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ​ सोचा नहीं जाता
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Abrar Kashif
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सब तेरे ही इश्क़ के बीमार थे चारों तरफ़
कुछ तेरे छूने से अच्छे हो गए, कुछ रह गए
Siddharth Saaz
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सारी तेरी मर्ज़ी है पर, दिल में है एक बात कहूँ
ज़ुल्फ़ें इतनी सुंदर हो तो, बाँधी थोड़ी जाती है
Prashant Sharma Daraz
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कोई दवा न दे सके मशवरा-ए-दुआ दिया
चारागरों ने और भी दर्द दिल का बढ़ा दिया
Hafeez Jalandhari
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग
इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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ये दिल मलूल भी कम है उदास भी कम है
कई दिनों से कोई आस पास भी कम है

हमें भी यूँ ही गुजरना पसंद है और फिर
तुम्हारा शहर मुसाफ़िर-शनास भी कम है
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Farhat Abbas Shah
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अपनी दीवानगी से डरता हूँ
दिल तो होता है दिल लगाने को
Vikram Gaur Vairagi
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चमचमाती कार में उस की बिदाई हो गई
पर यक़ीन आता नहीं है बेवफ़ाई हो गई

आख़री चोटी से गिरकर हम मरे हैं इश्क़ की
हम समझते थे हिमालय की चढ़ाई हो गई
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Tanoj Dadhich
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए
बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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प्यार में कैसी थकन कह के ये घर से निकली
कृष्ण की खोज में वृषभानु-लली मीलों तक
Kunwar Bechain
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अगरचे इश्क़ में मजनू बड़े बदनाम होते हैं
अगरचे क़ैस जैसे आशिक़ों के नाम होते हैं

भटक सकती नहीं जंगल में लैला चाह कर के भी
अजी लैला को घर में दूसरे भी काम होते हैं
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Gagan Bajad 'Aafat'
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किसे है वक़्त मोहब्बत में दर-ब-दर भटके
मैं उस के शहर गया था किसी ज़रूरत से
Riyaz Tariq
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दिल ये करता है कि इस उम्र की पगडंडी पर
उलटे पैरों से चलूँ फिर वही लड़का हो जाऊँ
Mehshar Afridi
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जब चाहें सो जाते थे हम, तुम सेे बातें कर के तब
उल्टी गिनती गिनने से भी नींद नहीं आती है अब

इश्क़ मुहब्बत पर ग़ालिब के शे'र सुनाए उस को जब
पहले थोड़ा शरमाई वो फिर बोली इस का मतलब?
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Tanoj Dadhich
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तुम कैसे भुला पाओगे भाई की मोहब्बत
दीवार उठा लेना तो आसान बहुत है
Qamar Rais Bahraichi
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