Vivek Vistar

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Vivek Vistar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vivek Vistar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
पिछला शे'र मुक़र्रर कर दो
अगला मिसरा याद नहीं है
Vivek Vistar
जहाँ मशहूर था रिश्ता हमारा
तुम्हारे बा'द क्या बचता हमारा

किसी की ज़ुल्फ़ से यूँँ ही उलझ कर
बहुत खिलने लगा कुर्ता हमारा
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Vivek Vistar
उस की आँखें याद हैं मुझ को
उस का चेहरा याद नहीं है
Vivek Vistar
गर तुम बात दोबारा सुनती
तो इज़हार हमारा सुनती
Vivek Vistar
वो बहकर जब निकलती है हिमालय–आशियाने से
उसी गंगा का होना मन–इलाहाबाद करता है
Vivek Vistar
लड़खड़ा कर तू गिरा तो
क्यूँ रहे मायूस ख़ुद से

कर परीक्षा उन परों की
जो अभी खोले नहीं थे.
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Vivek Vistar
लड़खड़ा कर तू गिरा तो क्यूँ रहे मायूस ख़ुद से
कर परीक्षा उन परों की जो अभी खोले नहीं थे
Vivek Vistar
तेरी तस्वीर नज़रों में ज़रा उतरे
मेरे सिर से भला कैसे नशा उतरे
Vivek Vistar
भुलाकर हर गिला शिकवा मिलो सब यार होली में
जुड़ें हर टूटते दिल के वफ़ा के तार होली में

हो जाए नफ़रती हर रंग फीका इन फ़िज़ाओं में
खिले बस एक रंगत ही गुलाल-ए-प्यार होली में
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Vivek Vistar
आँखों में हम ने भी कुछ सपने पाले हैं
लेकिन उन सपनों पर पलकों के ताले हैं

अपने रथ का ख़ुद ही सारथी बनना होगा
इस युग में अब कृष्ण नहीं आने वाले हैं
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Vivek Vistar
अपने रथ का ख़ुद ही सारथी बनना होगा
इस युग में अब कृष्ण नहीं आने वाले हैं
Vivek Vistar
आँखों में हम ने भी कुछ सपने पाले हैं
लेकिन उन सपनों पर पलकों के ताले हैं
Vivek Vistar
कहानी हो मुकम्मल, तुम अगर किरदार हो जाओ
निगाहों में उलझते हो, ज़रा दिलदार हो जाओ

कहानी है हमारी भी, कहानी है तुम्हारी भी
अगर विस्तार मैं हूँ तो मिरा तुम सार हो जाओ
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Vivek Vistar
तारीख़ में कई जो हर हाल में खड़े थे
सोचा कि लौट जाएँ पर देर तक लड़े थे
Vivek Vistar
उस की आँखों में खोया है सब कुछ अपना
इश्क़ किया है इतना तो जुर्माना होगा
Vivek Vistar
लैला के ख़्वाब मरे हैं महलों में लेकिन
मजनूँ को सड़कों पर पत्थर खाना होगा
Vivek Vistar
टूटा दिल तोड़ा कैसे जाए, तुम सेे सीखा है
अपनों को छोड़ा कैसे जाए, तुम सेे सीखा है

सबके मुआफ़िक़ बातें करना तो आता था लेकिन
बात का रुख़ मोड़ा कैसे जाए, तुम सेे सीखा है
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Vivek Vistar
कतरा-कतरा पानी का बरसाना होगा
या'नी बादल को भी कर्ज़ चुकाना होगा
Vivek Vistar
तुम्हें तो शौक है टूटी हुई चीजें सजाने का
हमारा दिल पड़ा है काम आए तो बता देना
Vivek Vistar
दिल में तो तू रहे पर नहीं साथ है
इश्क़ ऐसा किया हर कहीं बात है

आस है कल मिलेंगे उजाले मुझे
वो अलग बात है फिर वही रात है
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Vivek Vistar

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