Naseer Turabi

Naseer Turabi

@naseer-turabi

Naseer Turabi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Naseer Turabi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
ऐ मेरी ज़िंदगी ऐ मेरी हम-नवा तू कहाँ रह गई मैं कहाँ आ गया
कुछ न अपनी ख़बर कुछ न तेरा पता तू कहाँ रह गया मैं कहाँ आ गया

सब्ज़ शाख़ों से गुल यूँँही चुनना कभी गुल से गुलज़ार के ख़्वाब बुनना कभी
फ़ुर्सत-ए-इब्तिदा हसरत-ए-इंतिहा तू कहाँ रह गई मैं कहाँ आ गया
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Naseer Turabi
हर शाम इक मलाल की आदत सी हो गई
मिलने का इंतिज़ार भी मिलना सा हो गया
Naseer Turabi
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वो बे-वफ़ा है तो क्या मत कहो बुरा उस को
कि जो हुआ सो हुआ ख़ुश रखे ख़ुदा उस को
Naseer Turabi
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मिलने की तरह मुझ सेे वो पल भर नहीं मिलता
दिल उस से मिला जिस सेे मुक़द्दर नहीं मिलता
Naseer Turabi
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ये हवा सारे चराग़ों को उड़ा ले जाएगी
रात ढलने तक यहाँ सब कुछ धुआँ हो जाएगा
Naseer Turabi
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अदावतें थीं तग़ाफ़ुल था रंजिशें थीं बहुत
बिछड़ने वाले में सब कुछ था बे-वफ़ाई न थी
Naseer Turabi
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हम-रही की बात मत कर इम्तिहाँ हो जाएगा
हम सुबुक हो जाएँगे तुझ को गिराँ हो जाएगा
Naseer Turabi
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