Nilesh Barai

Nilesh Barai

@nilesh-barai

Nilesh Barai shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nilesh Barai's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
बुत - परस्ती ये जहाँ वालों की देखी जबसे
चाक - दिल को ले के हम आ गए पत्थर बनने
Nilesh Barai
तुम ने काले को कहा जबसे बहुत सुंदर रंग
दौड़ के गोरे चले और हसीं-तर बनने
Nilesh Barai
सवालों में जवाबों में ख़यालों में
तुझे ढूंढ़ा है तू बाहम नहीं मिलता
Nilesh Barai
तिरा मिलना न मिलना और मुद्दा है
तिरा सानी ही कम-अज़-कम नहीं मिलता
Nilesh Barai
आज नहीं तो कल तुझ सेे भी निकलेगा
तू ने गर मेरी आँखों में बोया आँसू

ओ नादाँ इस
में आया तो डूबेगा
मेरी आँख से टपका है उस का आँसू
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Nilesh Barai
दो दिन चलता है बाबू शोना जानू
बा'द में आना-कानी होने लगती है
Nilesh Barai
बाहर के हर काम को कर लेता हूँ मैं
घर में तन-आसानी होने लगती है
Nilesh Barai
दर्द इक भूल नहीं पाते हम
और ईजाद किए जाते हैं
Nilesh Barai
आतिश-ए-ग़म से न जल जाए कहीं
रूह फ़ौलाद किए जाते है
Nilesh Barai
मैं हिज्र का मारा हुआ हूँ इस लिए
मुझ को दुआएँ दे दवाई रहने दे
Nilesh Barai
गर दिखाना है तो ता-उम्र दिखा ये जज़्बा
एक दिन का ये तेरा इश्क़-ए-वतन ठीक नहीं
Nilesh Barai
और इक इंतिज़ार हिस्से में
कोई आसान काम दे मुझ को
Nilesh Barai
ग़मों में जी रहे है रिंद सारे
खता मत पूछ याँ सागर गिरा है
Nilesh Barai
मुझे हर साथ तेरा छोड़ देना है
बता, तू इस
में मेरा साथ देगा क्या?
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Nilesh Barai
डूब जाते हैं उन्हीं के आँख में हम
इस गली में कोई मै-खाना नहीं है।
Nilesh Barai
ज़ीस्त आगे की अकेले ही बितानी है हमें
हिज्र की आदत अभी से डाल लेनी चाहिये।
Nilesh Barai
जैसे मीर-ओ-ग़ालिब और मोमिन की ग़ज़लें होती हैं
मैं ने वैसे ही तुझ को दिल में संजोए रक्खा था।
Nilesh Barai
इसे तक़्सीर समझो या मिरी क़िस्मत
मैं हर दिन एक क़ातिल खोज लेता हूँ।
Nilesh Barai
इस सेे ज़्यादा और भयानक क्या ही होगा
भूखा बच्चा पीता है बस बहता आँसू
Nilesh Barai
मेरी मौत पर ये शोर ये सवाल आज क्यूँ
आज एक अर्सा हो गया मरे हुए मुझे
Nilesh Barai

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