Friendship Shayari Collection - True dosti, trust, and lifelong bonds expressed through heartfelt shayari

Friendship shayari beautifully captures the essence of true dosti, where trust, laughter, and lifelong bonds come together. These heartfelt lines express the joy of having a real friend, the comfort of shared memories, and the strength of a genuine connection that stays through every phase of life.

dosti shayari
अब दोस्त कोई लाओ मुक़ाबिल में हमारे
दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला
Munawwar Rana
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yaari shayari
ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता
अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता
Mirza Ghalib
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dost shayari
हमारा ख़ून का रिश्ता है सरहदों का नहीं
हमारे ख़ून में गँगा भी चनाब भी है
Kanval Ziai
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yaar shayari
हाए! इज़हार कर के पछताए
उस को इक दोस्त की ज़रूरत थी
Kumar Vikas
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friendship shayari
यार उस के क़ीमती तोहफ़े तो लाए थे बहुत
मैं बरेली का था मैं ने ला के झुमका दे दिया
Rudransh Trigunayat
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sath shayari
प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी
या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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saathi shayari
हम दो बंदे हैं और सिगरेट एक
अब ख़बर होगी दोस्ती की दोस्त
Muzdum Khan
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yaarana shayari
ज़िंदगी तुझ से भी क्या ख़ूब तअल्लुक़ है मिरा
जैसे सूखे हुए पत्ते से हवा का रिश्ता
Khalish Akbarabadi
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rishta shayari
रुख़्सार का दे शर्त नहीं बोसा-ए-लब से
जो जी में तिरे आए सो दे यार मगर दे
Maatam Fazl Mohammad
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apnapan shayari
अपने में'यार से नीचे तो मैं आने से रहा
शे'र भूखा हूँ मगर घास तो खाने से रहा
Mehshar Afridi
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dosti shayari
इज़हार-ए-इश्क़ उस से न करना था 'शेफ़्ता'
ये क्या किया कि दोस्त को दुश्मन बना दिया
Mustafa Khan Shefta
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yaari shayari
गले मुझ को लगा लो ऐ मेरे दिलदार होली में
बुझे दिल की लगी भी तो ऐ मेरे यार होली में

गुलाबी गाल पर कुछ रंग मुझ को भी जमाने दो
मनाने दो मुझे भी जान-ए-मन त्यौहार होली में
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Bhartendu Harishchandra
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मकाँ तो है नहीं जो खींच दें दीवार इस दिल में
कोई दूजा नहीं रह पाएगा अब यार इस दिल में

जहाँ भर में लुटाते फिर रहे है कम नहीं होता
तुम्हारे वास्ते इतना रखा था प्यार इस दिल में
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Bhaskar Shukla
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यार भी राह की दीवार समझते हैं मुझे
मैं समझता था मेरे यार समझते हैं मुझे
Shahid Zaki
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उस ने इस तरह से बदला है रवय्या अपना
पूछना पड़ता है हर वक़्त, तुम्हीं हो ना दोस्त?
Inaam Azmi
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तू उस के दिल में जगह चाहता है यार जो शख़्स
किसी को देता नहीं अपने साथ वाली जगह
Umair Najmi
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नया इक रिश्ता पैदा क्यूँँ करें हम ?
बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूँँ करें हम?
Jaun Elia
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नाराज़गी का मेरी ये आलम है इन दिनों
है बंद अपने आप से भी बोल-चाल यार
Rajesh Reddy
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मेरा हर दिन तेरी फ़ुर्क़त में बसर होता है
यार होना तो नहीं चाहिए, पर होता है
Harman Dinesh
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना
दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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हालत जो हमारी है तुम्हारी तो नहीं है
ऐसा है तो फिर ये कोई यारी तो नहीं है
Ali Zaryoun
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ये आरज़ू भी बड़ी चीज़ है मगर हमदम
विसाल-ए-यार फ़क़त आरज़ू की बात नहीं
Faiz Ahmad Faiz
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तुम तकल्लुफ़ को भी इख़्लास समझते हो 'फ़राज़'
दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला
Ahmad Faraz
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अगर तुम्हारी अना ही का है सवाल तो फिर
चलो मैं हाथ बढ़ाता हूँ दोस्ती के लिए
Ahmad Faraz
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तुझे कौन जानता था मेरी दोस्ती से पहले
तेरा हुस्न कुछ नहीं था मेरी शा'इरी से पहले
Kaif Bhopali
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दोस्ती लफ़्ज़ ही में दो है दो
सिर्फ़ तेरी नहीं चलेगी दोस्त
Zubair Ali Tabish
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लंबा हिज्र गुज़ारा तब ये मिलने के पल चार मिले
जैसे एक बड़े हफ़्ते में छोटा सा इतवार मिले

माना थोड़ा मुश्किल है पर रोज़ दुआ में माँगा है
जो मुझ सेे भी ज़्यादा चाहे तुझ को ऐसा यार मिले
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Bhaskar Shukla
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एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तो
दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो
Rahat Indori
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है
दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है

सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ
मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
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Tehzeeb Hafi
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा
जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा

रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है
जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
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Tehzeeb Hafi
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ख़्वाबों को आँखों से मिन्हा करती है
नींद हमेशा मुझ सेे धोखा करती है

उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है
मिल जाए तो बात वग़ैरा करती है
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Tehzeeb Hafi
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अपने सब यार काम कर रहे हैं
और हम हैं कि नाम कर रहे हैं
Jaun Elia
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अपना रिश्ता ज़मीं से ही रक्खो
कुछ नहीं आसमान में रक्खा
Jaun Elia
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हम को यारों ने याद भी न रखा
'जौन' यारों के यार थे हम तो
Jaun Elia
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किस तरह मेरी जान ये किरदार बने है
जो तुझ सेे मिले है वो तेरा यार बने है
Vikram Gaur Vairagi
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दुआए माँगते हैं इसीलिए अपने उजड़ने की
हमें तो यार तेरे हाथ से तामीर होना हैं
Vishal Bagh
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जो बच गए हैं चराग़ उन को बचाए रक्खो
मैं चाहता हूँ हवा से रिश्ता बनाए रक्खो
Azm Shakri
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दिल को सुकून रूह को आराम आ गया
मौत आ गई कि दोस्त का पैग़ाम आ गया
Jigar Moradabadi
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दुश्मनी लाख सही ख़त्म न कीजे रिश्ता
दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिए
Nida Fazli
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कहाँ है तू कि तिरे इंतिज़ार में ऐ दोस्त
तमाम रात सुलगते हैं दिल के वीराने
Nasir Kazmi
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मज़हब से मेरे क्या तुझे मेरा दयार और
मैं और यार और मिरा कारोबार और
Meer Taqi Meer
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ज़रा विसाल के बा'द आइना तो देख ऐ दोस्त
तिरे जमाल की दोशीज़गी निखर आई
Firaq Gorakhpuri
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अब कारगह-ए-दहर में लगता है बहुत दिल
ऐ दोस्त कहीं ये भी तिरा ग़म तो नहीं है
Majrooh Sultanpuri
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कुछ तो कर आदाब-ए-महफ़िल का लिहाज़
यार ये पहलू बदलना छोड़ दे
Waseem Barelvi
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मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला
Bashir Badr
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अब वो तितली है न वो उम्र तआ'क़ुब वाली
मैं न कहता था बहुत दूर न जाना मिरे दोस्त
Faisal Ajmi
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कौन रोता है किसी और की ख़ातिर ऐ दोस्त
सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया
Sahir Ludhianvi
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दिल बना दोस्त तो क्या क्या न सितम उस ने किए
हम भी नादां थे निभाते रहे नादान के साथ
Shakeel Badayuni
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दोस्ती और किसी ग़रज़ के लिए
वो तिजारत है दोस्ती ही नहीं
Ismail Merathi
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पुराने यार भी आपस में अब नहीं मिलते
न जाने कौन कहाँ दिल लगा के बैठ गया
Fazil Jamili
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कब लौटा है बहता पानी बिछड़ा साजन रूठा दोस्त
हम ने उस को अपना जाना जब तक हाथ में दामाँ था
Ibn E Insha
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सफ़र में आख़िरी पत्थर के बा'द आएगा
मज़ा तो यार दिसंबर के बा'द आएगा
Rahat Indori
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तअल्लुक़ जो भी रक्खो सोच लेना
कि हम रिश्ता निभाना जानते हैं
Ambreen Haseeb Ambar
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मैं ख़ुद भी यार तुझे भूलने के हक़ में हूँ
मगर जो बीच में कम-बख़्त शा'इरी है ना
Afzal Khan
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लो आज हम ने तोड़ दिया रिश्ता-ए-उम्मीद
लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम
Sahir Ludhianvi
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वो कोई दोस्त था अच्छे दिनों का
जो पिछली रात से याद आ रहा है
Nasir Kazmi
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भूल शायद बहुत बड़ी कर ली
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली
Bashir Badr
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टूटते रिश्तों से बढ़कर रंज था इस बात का
दरमियाँ कुछ दोस्त थे, और दोस्त भी ऐसे, के बस
Renu Nayyar
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पा ए उम्मीद प रक्खे हुए सर हैं हम लोग
हैं न होने के बराबर ही मगर हैं हम लोग

तू ने बरता ही नहीं ठीक से हम को ऐ दोस्त
ऐब लगते हैं ब-ज़ाहिर प हुनर हैं हम लोग
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Abhishek shukla
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दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया
समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया
Arzoo Lakhnavi
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यूँँ लगे दोस्त तिरा मुझ से ख़फ़ा हो जाना
जिस तरह फूल से ख़ुशबू का जुदा हो जाना
Qateel Shifai
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देखो तो चश्म-ए-यार की जादू-निगाहियाँ
बेहोश इक नज़र में हुई अंजुमन तमाम
Hasrat Mohani
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दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों
Bashir Badr
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सगी बहनों का जो रिश्ता रिश्ता है उर्दू और हिन्दी में
कहीं दुनिया की दो ज़िंदा ज़बानों में नहीं मिलता
Munawwar Rana
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हम से कोई तअल्लुक़-ए-ख़ातिर तो है उसे
वो यार बा-वफ़ा न सही बे-वफ़ा तो है
Jameel Malik
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रंग बदला यार ने वो प्यार की बातें गईं
वो मुलाक़ातें गईं वो चाँदनी रातें गईं
Hafeez Jalandhari
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कहाँ की दोस्ती किन दोस्तों की बात करते हो
मियाँ दुश्मन नहीं मिलता कोई अब तो ठिकाने का
Waseem Barelvi
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मिले थे फरवरी में आपसे पहली दफ़ा हम
तभी से दोस्ती सी हो गई है फरवरी से
Bhaskar Shukla
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दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए
Rahat Indori
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अगर हुकूमत तुम्हारी तस्वीर छाप दे नोट पर मेरी दोस्त
तो देखना तुम कि लोग बिल्कुल फिजूलखर्ची नहीं करेंगे

हमारे चंद अच्छे दोस्तों ने ये वा'दा ख़ुद से किया हुआ है
कि शक्ल अल्लाह ने अच्छी दी है सो बातें अच्छी नहीं करेंगे
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Rehman Faris
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तिलिस्म-ए-यार ये पहलू निकाल लेता है
कि पत्थरों से भी ख़ुशबू निकाल लेता है

है बे-लिहाज़ कुछ ऐसा की आँख लगते ही
वो सर के नीचे से बाजू निकाल लेता है
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Tehzeeb Hafi
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ग़ैर से खेली है होली यार ने
डाले मुझ पर दीदा-ए-ख़ूँ-बार रंग
Imam Bakhsh Nasikh
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अब की होली में रहा बे-कार रंग
और ही लाया फ़िराक़-ए-यार रंग
Imam Bakhsh Nasikh
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दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त
कुछ तो है जो इन के बा'द भी हासिल करना बाक़ी है

कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं
फिर कहता हूँ पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है
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Zia Mazkoor
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बहुत चल बसे यार ऐ ज़िंदगी
कोई दिन की मेहमान तू रह गई
Dagh Dehlvi
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नमक हल्दी ज़ियादा दाल में छोड़ा गया था
बताएँ क्या हमें किस हाल में छोड़ा गया था

अधूरी एक उस तस्वीर पर सब मर मिटे थे
बना कर यार डिम्पल गाल में छोड़ा गया था
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Atul K Rai
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यार ने हम से बे-अदाई की
वस्ल की रात में लड़ाई की
Meer Taqi Meer
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पहले तो वो हाथ पकड़ कर कमरे से बाहर लाया
और फिर मुझ को इस दुनिया में यार अकेला छोड़ गया
Tanoj Dadhich
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यार बिछड़ कर तुम ने हँसता बसता घर वीरान किया
मुझ को भी आबाद न रक्खा अपना भी नुक़्सान किया
Ali Zaryoun
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मैं चाहता हूँ इक मुसलमां दोस्त हो मेरा
मेरे मकाँ में ईद हो उस के दिवाली हो
Siddharth Saaz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ
मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ

ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो
वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
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Ali Zaryoun
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तन्हा कब तक बात करूँँगा मैं
तू भी मुझ सेे बात किया कर दोस्त
Siddharth Saaz
रात दिन तेरे साथ कटते थे
यार अब तुझ सेे बात से भी गए

ये मोहब्बत भी किन दिनों में हुई
दिल मिलाने थे हाथ से भी गए
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Kafeel Rana
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अपनी बाँहो से क्यूँँ हटाऊँ उसे
सो रहा है तो क्यूँँ जगाऊँ उसे

जो भी मिलता है उस का पूछता है
यार किस किस से मैं छुपाऊँ उसे
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Kafeel Rana
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जो सावन होते सूखा, उस फूल पे लानत हो
मुझ पे लानत, तेरे होते, यार उदासी है
Siddharth Saaz
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भले ही प्यार हो या हिज्र हो या फिर सियासत हो
कुछ ऐसे दोस्त थे हर बात पर अश'आर कहते थे
Siddharth Saaz
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`तू मेरे पास आ कर बैठ मुझ सेे बात कर ऐ दोस्त
ये मुमकिन है कोई दरिया ख़राबों से निकल आए
Siddharth Saaz
यूँँ तो सर्कस में हम बहुत ख़ुश हैं
फिर भी जंगल तो यार जंगल था
Harman Dinesh
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बदल गए मेरे मौसम तो यार अब आए
ग़मों ने चाट लिया ग़म-गुसार अब आए
Farhat Abbas Shah
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शर्तें लगाई जाती नहीं दोस्ती के साथ
कीजे मुझे क़ुबूल मिरी हर कमी के साथ
Waseem Barelvi
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जो दोस्त हैं वो माँगते हैं सुलह की दुआ
दुश्मन ये चाहते हैं कि आपस में जंग हो
Lala Madhav Ram Jauhar
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दोस्ती आम है लेकिन ऐ दोस्त
दोस्त मिलता है बड़ी मुश्किल से
Hafeez Hoshiarpuri
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दोस्त दिल रखने को करते हैं बहाने क्या क्या
रोज़ झूटी ख़बर-ए-वस्ल सुना जाते हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं
जैसे हर शय में किसी शय की कमी पाता हूँ मैं
Jigar Moradabadi
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ज़िद हर इक बात पर नहीं अच्छी
दोस्त की दोस्त मान लेते हैं
Dagh Dehlvi
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हम को यारों ने याद भी न रखा
'जौन' यारों के यार थे हम तो
Jaun Elia
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अगर हुकूमत तुम्हारी तस्वीर छाप दे नोट पर मेरी दोस्त
तो देखना तुम कि लोग बिल्कुल फ़ुज़ूल-ख़र्ची नहीं करेंगे
Rehman Faris
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दुनिया की नज़रों में हम तो जोकर हैं
सब को ख़ुश रक्खें मतलब वो जोकर हैं

ख़त्म कहानी कर के जब तुम ही ख़ुश हो
अपना क्या है यार अपन तो जोकर हैं
Read Full
Nadim Nadeem
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उस ने हँसते हुए तोड़ा था हमारा रिश्ता
हम सभी को ये बताते हुए रो देते हैं
Zubair Alam
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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त
मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त

ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं
किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Read Full
Ali Zaryoun
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और फिर लोग यही कहते फिरेंगे इक दिन
यार कल ही तो मेरी बात हुई थी उस सेे
Saad Ahmad
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अजीब दर्द का रिश्ता था सब के सब रोए
शजर गिरा तो परिंदे तमाम शब रोए
Tariq Naeem
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अब मज़ीद उस सेे ये रिश्ता नहीं रक्खा जाता
जिस सेे इक शख़्स का पर्दा नहीं रक्खा जाता

पढ़ने जाता हूँ तो तस्में नहीं बाँधे जाते
घर पलटता हूँ तो बस्ता नहीं रक्खा जाता
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Tehzeeb Hafi
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यार इक बार परिंदों को हुकूमत दे दो
ये किसी शहर को मक़्तल नहीं होने देंगे

ये जो चेहरे हैं यहाँ चाँद से चेहरे 'ताबिश'
ये मिरा इश्क़ मुकम्मल नहीं होने देंगे
Read Full
Abbas Tabish
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हैराँ मैं भी हूँ दोस्त यूँँ बालों में गजरा देख कर
ये फूल आख़िर कब से फूलों को पहनने लग गया
Neeraj Neer
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तेरे साथ भी मुश्किल पड़ता था तेरे बिन तो गुजारा क्या होता
गर तू भी नहीं होता तो न जाने दोस्त हमारा क्या होता
Siddharth Saaz
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ख़ुद को शीशा कर लिया है यार मैं ने
अब तो तेरा देखना बनता है मुझ को
Neeraj Neer
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मैं शाइ'र उस को चूड़ी ही दे सकता था बस
रिश्ता सोने के कंगन देने पर होता है
Neeraj Neer
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