Umesh Maurya

Umesh Maurya

@umeshmaurya

Umesh Maurya shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Umesh Maurya's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

7

Content

347

Likes

402

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
ख़ुद के भी हाथ कितने गुनाहों में पड़ गए
कहते हैं लोग आज के बच्चे बिगड़ गए
Umesh Maurya
एक-तरफ़ा थी मुहब्बत एक-तरफ़ा रह गई
वो मेरे अश्कों को बस आँखों का पानी कह गई
Umesh Maurya
जो भी है सब उसी का रहा है करा धरा
वर्ना मुझे तो शा'इरी का इल्म भी नहीं
Umesh Maurya
वो समझ बैठी मुहब्बत को महज़ इक शा'इरी
हम पे क्या गुज़री हक़ीक़त में बयाँ कैसे करें
Umesh Maurya
बिना छू कर के छूना था
यही थी शर्त उल्फ़त की
Umesh Maurya
कोई हम से कहीं ज़्यादा तुम्हें चाहे तो अच्छा हो
ग़लतफ़हमी हमारी दूर हो जाए तो अच्छा हो
Umesh Maurya
लगातार उन सेे तो मिलते नहीं पर
मुलाक़ात फुटकर में होती रही है
Umesh Maurya
तेरे जज़्बात सुनना चाहता हूँ
बयाँ कर दे बहाने से किसी के
Umesh Maurya
बदन चाहते तो हज़ारों ही मिलते
मुझे तो तुम्हारा जिगर चाहिए था
Umesh Maurya
जीवन पज़ल है और किसी खेल की तरह
हम क़ैद में हैं आज खुली जेल की तरह
Umesh Maurya
दुनिया में कुछ नहीं है इसे जानने को भी
हर चीज़ जानना पड़े उस के वजूद तक
Umesh Maurya
इक शख़्स क्या गया जो मेरे दिल की बज़्म से
जैसे कि इस जहान में कोई नहीं रहा
Umesh Maurya
शायद तलाश ख़त्म हो तेरी कमी के साथ
अच्छा रहा मज़ाक़ मेरी ज़िन्दगी के साथ
Umesh Maurya
भर लिया है आँख में तुम को दिखे तो क्या दिखे
अब दिखे तो हर किसी में कुछ न कुछ तुम सा दिखे
Umesh Maurya
ख़ुद को भी शर्म आए मुहब्बत के नाम पर
थी इस क़दर की बेरुख़ी सब कुछ बदल गया
Umesh Maurya
यूँँ ज़िन्दगी कटी है महज़ हाल चाल में
पर जी रहे हैं आज भी उस के ख़याल में
Umesh Maurya
एक घर भी बना नहीं पाया
बाप बूढ़ा हुआ जवानी में
Umesh Maurya
चाँद सूरज फूल कलियाँ और नदियों की तरह
देख तो सकता हूँ तुझ को सर से ले कर पाँव तक
Umesh Maurya
कभी मौक़ा मिले जो फ़ुर्सत हो
तो कभी आस पास हो जाएँ
Umesh Maurya
मेरा ख़याल भी कभी तेरा ख़याल हो
तू भी करे तलाश मुझे भी ख़याल में
Umesh Maurya

LOAD MORE