Life Shayari - Zindagi ke sach, safar aur jazbaat ko bayan karti lines

Life shayari beautifully captures the journey of zindagi — its struggles, lessons, and small joys. These lines reflect real emotions, from hope and growth to pain and acceptance. Whether you want thoughtful words for reflection or meaningful lines for sharing, life shayari connects deeply with every stage of life.

zindagi shayari
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल
कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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jeevan shayari
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
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life shayari
कटती है आरज़ू के सहारे पे ज़िंदगी
कैसे कहूँ किसी की तमन्ना न चाहिए
Shaad Arfi
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safar shayari
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है
क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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waqt shayari
एक सीता की रिफ़ाक़त है तो सब कुछ पास है
ज़िंदगी कहते हैं जिस को राम का बन-बास है
Hafeez Banarasi
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haqiqat shayari
मौत का भी इलाज हो शायद
ज़िंदगी का कोई इलाज नहीं
Firaq Gorakhpuri
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zindagi sach shayari
सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ
ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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jeene ka andaaz shayari
क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा
कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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zindagi ke rang shayari
बहुत हसीन सही सोहबतें गुलों की मगर
वो ज़िंदगी है जो काँटों के दरमियाँ गुज़रे
Jigar Moradabadi
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zindagi shayari
ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं
पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है
Bashir Badr
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jeevan shayari
बड़ा घाटे का सौदा है 'सदा' ये साँस लेना भी
बढ़े है उम्र ज्यूँँ-ज्यूँँ ज़िंदगी कम होती जाती है
Sada Ambalvi
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life shayari
ज़िन्दगी इक हादसा है और कैसा हादसा
मौत से भी ख़त्म जिस का सिलसिला होता नहीं
Jigar Moradabadi
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safar shayari
तल्ख़ियाँ इस में बहुत कुछ हैं मज़ा कुछ भी नहीं
ज़िंदगी दर्द-ए-मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं
Kaleem Aajiz
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waqt shayari
ज़िन्दगी छीन ले बख़्शी हुई दौलत अपनी
तू ने ख़्वाबों के सिवा मुझ को दिया भी क्या है
Akhtar Saeed Khan
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haqiqat shayari
ज़िंदगी कहते हैं जिस को चार दिन की बात है
बस हमेशा रहने वाली इक ख़ुदा की ज़ात है
Unknown
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zindagi sach shayari
ज़िंदगी तुझ से हर इक साँस पे समझौता करूँँ
शौक़ जीने का है मुझ को मगर इतना भी नहीं
Muzaffar Warsi
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jeene ka andaaz shayari
जो पढ़ा है उसे जीना ही नहीं है मुमकिन
ज़िंदगी को मैं किताबों से अलग रखता हूँ
Zafar Sahbai
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zindagi ke rang shayari
सिर्फ़ ज़िंदा रहने को ज़िंदगी नहीं कहते
कुछ ग़म-ए-मोहब्बत हो कुछ ग़म-ए-जहाँ यारो
Himayat Ali Shayar
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zindagi shayari
अदा हुआ न क़र्ज़ और वजूद ख़त्म हो गया
मैं ज़िंदगी का देते देते सूद ख़त्म हो गया
Faryad Aazar
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jeevan shayari
मौत वो है जो आए सजदे में
ज़िन्दगी वो जो बंदगी हो जाए

क्या कहूँ आप कितने प्यारे हैं
इतने प्यारे कि प्यार ही हो जाए
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Vikram Gaur Vairagi
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life shayari
कीजे इज़हार-ए-मोहब्बत चाहे जो अंजाम हो
ज़िंदगी में ज़िंदगी जैसा कोई तो काम हो
Priyamvada ilhan
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safar shayari
अपने मरकज़ से अगर दूर निकल जाओगे
ख़्वाब हो जाओगे अफ़्सानों में ढल जाओगे

हम-सफ़र ढूँडो न रहबर का सहारा चाहो
ठोकरें खाओगे तो ख़ुद ही सँभल जाओगे
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Iqbal Azeem
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waqt shayari
ज़िंदगी भर मुझे इस बात की हसरत ही रही
दिन गुज़ारूँ तो कोई रात सुहानी आए
Saqi Amrohvi
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मेरे होंठों के सब्र से पूछो
उस के हाथों से गाल तक का सफ़र
Mehshar Afridi
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न हो क़मीज़ तो घुटनों से पेट ढक लेंगे
ये लोग कितने मुनासिब हैं इस सफ़र के लिए
Dushyant Kumar
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सफ़र हालाँकि तेरे साथ अच्छा चल रहा है
बराबर से मगर एक और रास्ता चल रहा है
Shariq Kaifi
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धोखा है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है
Rajesh Reddy
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हम तोहफ़े में घड़ियाँ तो दे देते हैं
एक दूजे को वक़्त नहीं दे पाते हैं

आँखें ब्लैक एंड व्हाइट हैं तो फिर इन
में
रंग बिरंगे ख़्वाब कहाँ से आते हैं?
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Fareeha Naqvi
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मुख़्तसर होते हुए भी ज़िन्दगी बढ़ जाएगी
माँ की आँखें चूम लीजे रौशनी बढ़ जाएगी
Munawwar Rana
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उस वक़्त भी अक्सर तुझे हम ढूँढ़ने निकले
जिस धूप में मज़दूर भी छत पर नहीं जाते
Munawwar Rana
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ज़िंदगी क्या किसी मुफ़लिस की क़बा है जिस में
हर घड़ी दर्द के पैवंद लगे जाते हैं
Faiz Ahmad Faiz
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ज़िन्दगी से यही गिला है मुझे
तू बहुत देर से मिला है मुझे
Ahmad Faraz
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कुछ इस तरह से गुज़ारी है ज़िन्दगी जैसे
तमाम उम्र किसी दूसरे के घर में रहा
Ahmad Faraz
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सिलवटें हैं मेरे चेहरे पे तो हैरत क्यूँँ है
ज़िन्दगी ने मुझे कुछ तुम सेे ज़ियादा पहना
Ahmad Faraz
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तेरे बग़ैर भी तो ग़नीमत है ज़िंदगी
ख़ुद को गँवा के कौन तेरी जुस्तुजू करे
Ahmad Faraz
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न हम-सफ़र न किसी हम-नशीं से निकलेगा
हमारे पाँव का काँटा हमीं से निकलेगा
Rahat Indori
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जान भी अब दिल पे वारी जाएगी
ये बला सर से उतारी जाएगी

एक पल तुझ बिन गुज़रना है कठिन
ज़िन्दगी कैसे गुज़ारी जाएगी
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Anjum Rehbar
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तुम्हारी मौत मेरी ज़िंदगी से बेहतर है
तुम एक बार मरे मैं तो बार बार मरा
Zubair Ali Tabish
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अब मेरी कोई ज़िंदगी ही नहीं
अब भी तुम मेरी ज़िंदगी हो क्या
Jaun Elia
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काम की बात मैं ने की ही नहीं
ये मेरा तौर-ए-ज़िंदगी ही नहीं
Jaun Elia
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ज़िंदगी क्या है इक कहानी है
ये कहानी नहीं सुनानी है
Jaun Elia
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बग़ैर चश्में के जो देख भी न पाता है
वो बेवक़ूफ़ मुझे देखना सिखाता है

अगर ये वक़्त डुबोएगा मेरी नाव को
तो इस सेे कह दो मुझे तैरना भी आता है
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Vikram Gaur Vairagi
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तेरा प्यार मेरी ज़िंदगी में
बहार ले कर आया है

तेरे आने से पहले हर दिन
पतझड़ हुआ करता था
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Vipul Kumar
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जिन से उठता नहीं कली का बोझ
उन के कंधों पे ज़िन्दगी का बोझ

वक़्त जब हाथ में नहीं रहता
किस लिए हाथ पर घड़ी का बोझ
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Vikram Sharma
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ये ज़िंदगी जो पुकारे तो शक सा होता है
कहीं अभी तो मुझे ख़ुद-कुशी नहीं करनी
Swapnil Tiwari
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सफ़र के बा'द भी ज़ौक़-ए-सफ़र न रह जाए
ख़याल ओ ख़्वाब में अब के भी घर न रह जाए
Abhishek shukla
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ज़िंदगी मेरी मुझे क़ैद किए देती है
इस को डर है मैं किसी और का हो सकता हूँ
Azm Shakri
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ज़ख़्म जो तुम ने दिया वो इस लिए रक्खा हरा
ज़िंदगी में क्या बचेगा ज़ख़्म भर जाने के बा'द
Azm Shakri
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सारे दुख सो जाएँगे लेकिन इक ऐसा ग़म भी है
जो मिरे बिस्तर पे सदियों का सफ़र रख जाएगा
Azm Shakri
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ये मेरी ज़िद ही ग़लत थी कि तुझ सेा बन जाऊँ
मैं अब न अपनी तरह हूँ न तेरे जैसा हूँ

हमारे बीच ज़माने की बद-गुमानी है
मैं ज़िंदगी से ज़रा कम ही बात करता हूँ
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Subhan Asad
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मिरी ज़िंदगी तो गुज़री तिरे हिज्र के सहारे
मिरी मौत को भी प्यारे कोई चाहिए बहाना
Jigar Moradabadi
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अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं
रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं
Nida Fazli
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यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
Nida Fazli
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सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो
Nida Fazli
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सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती है
कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है
Nawaz Deobandi
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ज़िंदगी यूँँ हुई बसर तन्हा
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा
Gulzar
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दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम
तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे
Bashir Badr
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ग़रज़ कि काट दिए ज़िंदगी के दिन ऐ दोस्त
वो तेरी याद में हों या तुझे भुलाने में
Firaq Gorakhpuri
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क्या बताऊँ कैसा ख़ुद को दर-ब-दर मैं ने किया
उम्र भर किस किस के हिस्से का सफ़र मैं ने किया

तू तो नफ़रत भी न कर पाएगा इस शिद्दत के साथ
जिस बला का प्यार तुझ सेे बे-ख़बर मैं ने किया
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Waseem Barelvi
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उम्र भर की बात बिगड़ी इक ज़रा सी बात में
एक लम्हा ज़िंदगी भर की कमाई खा गया
Nazeer Banarasi
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ये शुक्र है कि मिरे पास तेरा ग़म तो रहा
वगर्ना ज़िंदगी भर को रुला दिया होता
Gulzar
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डर हम को भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से
लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा
Javed Akhtar
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मैं था सदियों के सफ़र में 'अहमद'
और सदियों का सफ़र था मुझ में
Ahmad Khayal
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तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िंदगी से हम
ठुकरा न दें जहाँ को कहीं बे-दिली से हम
Sahir Ludhianvi
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गर ज़िंदगी में मिल गए फिर इत्तिफ़ाक़ से
पूछेंगे अपना हाल तिरी बेबसी से हम
Sahir Ludhianvi
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इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े
हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े
Kaifi Azmi
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अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी
तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन
Allama Iqbal
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बाग़-ए-बहिश्त से मुझे हुक्म-ए-सफ़र दिया था क्यूँँ
कार-ए-जहाँ दराज़ है अब मिरा इंतिज़ार कर
Allama Iqbal
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सफ़र में आख़िरी पत्थर के बा'द आएगा
मज़ा तो यार दिसंबर के बा'द आएगा
Rahat Indori
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सौ मिलीं ज़िंदगी से सौग़ातें
हम को आवारगी ही रास आई
Ali Sardar Jafri
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दामन झटक के वादी-ए-ग़म से गुज़र गया
उठ उठ के देखती रही गर्द-ए-सफ़र मुझे
Ali Sardar Jafri
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ज़िंदगी पर भी कोई ज़ोर नहीं
दिल ने हर चीज़ पराई दी है
Gulzar
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ज़िंदा हूँ इस तरह कि ग़म-ए-ज़िंदगी नहीं
जलता हुआ दिया हूँ मगर रौशनी नहीं
Behzad Lakhnavi
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हाए क्या दौर-ए-ज़िंदगी गुज़रा
वाक़िए हो गए कहानी से
Gulzar Dehlvi
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साल के आख़िरी दिन उस ने दिया वक़्त हमें
अब तो ये साल कई साल नहीं गुज़रेगा
Shariq Kaifi
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ये किस मक़ाम पे लाई है ज़िंदगी हम को
हँसी लबों पे है सीने में ग़म का दफ़्तर है
Hafeez Banarasi
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मैं ने आबाद किए कितने ही वीराने 'हफ़ीज़'
ज़िंदगी मेरी इक उजड़ी हुई महफ़िल ही सही
Hafeez Banarasi
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ज़िंदगी फ़िरदौस-ए-गुम-गश्ता को पा सकती नहीं
मौत ही आती है ये मंज़िल दिखाने के लिए
Hafeez Jalandhari
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दिल में जो मोहब्बत की रौशनी नहीं होती
इतनी ख़ूब-सूरत ये ज़िंदगी नहीं होती
Hastimal Hasti
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ज़िंदगी भर के लिए रूठ के जाने वाले
मैं अभी तक तिरी तस्वीर लिए बैठा हूँ
Qaisar-ul-Jafri
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इरादा तो नहीं है ख़ुद-कुशी का
मगर मैं ज़िंदगी से ख़ुश नहीं हूँ
Vikas Sharma Raaz
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मुसाफ़िरों से कहो अपनी प्यास बाँध रखें
सफ़र की रूह में सहरा कोई उतर चुका है
Aziz Nabeel
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मैं ज़िन्दगी में आज पहली बार घर नहीं गया
मगर तमाम रात दिल से माँ का डर नहीं गया

बस एक दुख जो मेरे दिल से उम्र भर न जाएगा
उस को किसी के साथ देख कर मैं मर नहीं गया
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Tehzeeb Hafi
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दिन रात मय-कदे में गुज़रती थी ज़िंदगी
'अख़्तर' वो बे-ख़ुदी के ज़माने किधर गए
Akhtar Shirani
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तसव्वुर तजरबा तेवर तमन्ना और तन्हाई
मिलेंगे फूल सब इस
में ग़ज़ल गुलदान है यारों

पढ़ाई नौकरी शादी फिर उस के बा'द दो बच्चे
हमारी ज़िन्दगी इतनी कहाँ आसान है यारों
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Tanoj Dadhich
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हो गई बर्बाद मेरी ज़िन्दगी
पर किसी का शौक़ पूरा हो गया
Tanoj Dadhich
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और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे
अपनी दुनिया बुरी लग गई

जिस को आबाद करते हुए
मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
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Tehzeeb Hafi
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इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए
दो दिन की ज़िंदगी का मज़ा हम से पूछिए

भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए
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Khumar Barabankvi
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सुख़न-फ़हमों की बस्ती में सुख़न की ज़िन्दगी कम है
जहाँ शाइ'र ज़ियादा हैं वहाँ पर शा'इरी कम है

मैं जुगनू हूँ उजाले में भला क्या अहमियत मेरी
वहाँ ले जाइए मुझ को जहाँ पर रौशनी कम है
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Balmohan Pandey
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एक मुद्दत से हैं सफ़र में हम
घर में रह कर भी जैसे बेघर से
Azhar Iqbal
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ये भी तो जब्र-ए-वक़्त है तू मुझे याद भी नहीं
जैसे सँभल गए हो तुम वैसे सँभल गया हूँ मैं
Noon Meem Danish
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सफ़र से लौट जाना चाहता है
परिंदा आशियाना चाहता है

कोई स्कूल की घंटी बजा दे
ये बच्चा मुस्कुराना चाहता है
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Shakeel Jamali
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क़ुबूल है जिन्हें ग़म भी तेरी ख़ुशी के लिए
वो जी रहे हैं हक़ीक़त में ज़िन्दगी के लिए
Nasir Kazmi
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अब फ़क़त साँसे बचीं हैं दोस्तों
हम तो कब का ज़िंदगी से मर गए
Shadab Asghar
ज़िन्दगी पर लिख दिया था नाम मैं ने राम का
और फिर दुख के समुंदर पार सारे हो गए
Tanoj Dadhich
दर्द सहने का अलग अंदाज़ है
जी रहे हैं हम अदा की ज़िंदगी
Farhat Abbas Shah
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ज़िंदगी भर की हिफ़ाज़त की क़सम खाते हुए
भाई के हाथ पे इक बहन ने राखी बाँधी
Unknown
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए
बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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ज़िन्दगी से ऐसे काटा सीन उस ने इश्क़ का
देखता है कोई जैसे फ़िल्म गाने काट कर
Ankit Maurya
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घूमता रहता है हर वक़्त मेरी आँखों में
एक चेहरा जो कई साल से देखा भी नहीं
Riyaz Tariq
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किसे है वक़्त मोहब्बत में दर-ब-दर भटके
मैं उस के शहर गया था किसी ज़रूरत से
Riyaz Tariq
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दुआएँ दे रहे हैं उस को ज़िंदगी की मगर
हमीं हैं जिस ने कि जीना मुहाल कर दिया है
Afzal Ali Afzal
हमारी ज़िंदगी में क्या नया है
वही होता है जो, वो हो रहा है

ज़रा दुनिया का अपनी हाल देखो
ज़रा सोचो कोई सच-मुच ख़ुदा है?
Read Full
Shaad Imran
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ग़ुबार-ए-वक़्त में अब किस को खो रही हूँ मैं
ये बारिशों का है मौसम कि रो रही हूँ मैं
Shahnaz Parveen Sahar
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दर्द में शिद्दत-ए-एहसास नहीं थी पहले
ज़िंदगी राम का बन-बास नहीं थी पहले
Shakeel Azmi
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तुम मिरी ज़िंदगी हो ये सच है
ज़िंदगी का मगर भरोसा क्या
Bashir Badr
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फ़न्न-ए-ग़ज़ल-आराई दे
लहजे को सच्चाई दे

दुनिया है जंगल का सफ़र
लछमन जैसा भाई दे
Read Full
Tariq Shaheen
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मुझे मालूम है माँ की दुआएँ साथ चलती हैं
सफ़र की मुश्किलों को हाथ मलते मैं ने देखा है
Aalok Shrivastav
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