kapil verma

kapil verma

@99kapilverma

kapil verma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in kapil verma's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

6

Content

38

Likes

7

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
लोग जो पत्थर उठा लेते हैं हर इक बात पर
कोई उन के सामने फिर आइना रखवाए क्यूँँ
kapil verma
देखना सब किताबें बदल जाएँगी इक नई खोज से
क़ैद में आदमी की जहालत भरी मंज़िलें हैं कई
kapil verma
अभी ही दिल की अलमारी समेटी है
मिलेगा कल यहाँ बिखरा हुआ सा कुछ
kapil verma
नुमाइश है यहाँ लगती जमाल-ए-जिस्म की हर-सू
बिखेरा जिस क़दर इस्मत को उतना दाम लगता है
kapil verma
वरक़ पर आज के बरसों में ठहरा है फ़लक आओ
लिखें ज़िंदान में भी नज़्म हम उनवान जो भी हो
kapil verma
क्यूँँ है तेग़ लफ़्ज़ों की बात-बात में शामिल
ख़ामुशी से मुझ को भी बे-सिपर करे कोई
kapil verma
सब कुछ कमाल और नया सा लगा था तब
हर शय है अब हमारी तवज्जोह की आस में
kapil verma
हयात आए कहाँ से हलाक ज़र्रों में
ज़ुहूर क़ैद किए बिन नहीं रवाई दे
kapil verma