Chetan Sharma 'Mizaj

Chetan Sharma 'Mizaj

@Chetan_Sharma

chetan sharma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in chetan sharma's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
दिल-ए-बीमार को हर रोज़ ही समझा रहा हूँ मैं
किसी का हो गया है वो मेरा अब कुछ नहीं लगता
Chetan Sharma 'Mizaj
नहीं हूँ किसी भी हरम में नहीं हूँ
किसी आस्था के भरम में नहीं हूँ

मुझे तेरे जाने का ग़म भी नहीं है
किसी का भी अहल-ए-करम मैं नहीं हूँ
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Chetan Sharma 'Mizaj
अगर हक़ीक़त बता दूँ तुम को तो रो पड़ोगे
हैं ग़म जो सारे दिखा दूँ तुम को तो रो पड़ोगे

तुम्हें सियाही बना के सारी ग़ज़ल लिखी है
अगर ये ग़ज़ले सुना दूँ तुम को तो रो पड़ोगे
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Chetan Sharma 'Mizaj
ये दुनिया क़यामत का दिन चाहती है
मुझे देखना तेरे बिन चाहती है
Chetan Sharma 'Mizaj
उजली हसीन रात में जलसे निकाल कर
हम ने गुज़ारी तीरगी हर पल सँभाल कर

जीने की हम ने ख़्वाहिशें सारी ही छोड़ दीं
मरने का कर के फ़ैसला सिक्का उछाल कर
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Chetan Sharma 'Mizaj
किन्हीं क़समों से हम को साथ होना था
उन्हीं क़समों ने पूरा खा लिया मुझ को
Chetan Sharma 'Mizaj
इतना खटक रही है पल पल सिमट रही है
कैसे कहूँ जवानी मौजों में कट रही है

तुम को मैं क्या बताऊॅं क्या क्या तुम्हें सुनाऊॅं
बेकार की उदासी मुझ सेे लिपट रही है
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Chetan Sharma 'Mizaj
बदन को नाप कर देखा उसे फिर नोच कर देखा
न ख़ुशबू थी तिरे जैसी न नाज़ुक था तिरे जितना
Chetan Sharma 'Mizaj
जहाँ में कौन ही गुज़रे दुखों को याद करता है
भरम पाले हुआ था मैं वो मुझ को याद रक्खेगा
Chetan Sharma 'Mizaj
मिरे चलन पर जँची नहीं है मुझे शराफ़त पची नहीं है
तिरे लबों की हया चुराता मगर वो हसरत बची नहीं है
Chetan Sharma 'Mizaj
ज़रा सी बात का चक्कर
मिरी सी जात का चक्कर

मुझे बर्बाद कर बैठा
बुरे हालात का चक्कर
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Chetan Sharma 'Mizaj