Famyas Siwani

Famyas Siwani

@Famyas_Siwani

Famyas Siwani shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Famyas Siwani's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
मुहब्बत करती हो और इस ज़माने से भी डरती हो
दग़ा भी करती हो और दिल दुखाने से भी डरती हो
Famyas Siwani
तू अब इतना लुभाती क्यूँँ है मेरी जान को जानाँ
बता अब यूँँ सताती क्यूँँ है मेरी जान को जानाँ
Famyas Siwani
यूँँ तो मैं लिखने लगा हूँ तुझ को शामिल भी करूँँगा
अब लिखूँगा हर्फ़ में फिर तुझ को बातिल भी करूँँगा
Famyas Siwani
अब न डालो ख़ाक मेरी कब्र पर
इश्क़ की ये बंदिशें अब ख़त्म हैं
Famyas Siwani
अगर मैं पिऊँगा नहीं तो
बता फिर मैं कैसे जिऊँगा
Famyas Siwani
मैं तड़प कर रह गया था वस्ल का दिन देखने को
दूर सहरा में किसी ने हिज्र दे कर ज़िन्दगी ली
Famyas Siwani
मेरे इश्क़ का यूँँ इम्तिहान और न लीजिए
बार बार बे-ज़बाँ की जान और न लीजिये
Famyas Siwani
ये इश्क़ भी कम्बख़्त करे या न करे कुछ
जाँ बख़्श दे आशिक़ का तो समझो है ग़नीमत
Famyas Siwani
जान मैं लिखूँ भी तो क्या लिखूँ दर-ए-दिल से
गर लिखूँ न हाल-ए-दिल तो बता लिखूँ क्या मैं
Famyas Siwani
मैं न तन्हा था न थी दिल में मेरे कोई मुहब्बत
अब मुहब्बत है मुझे पर क़ैद में उस के ये दिल है
Famyas Siwani
गर मुलाक़ात हो रब से मेरी तो पूछूँगा
दर-हक़ीक़त वो जुदाई का सबब और क्या था
Famyas Siwani
इश्क़ का अंजाम क्या होगा मेरे
दर्द में आराम क्या होगा मेरे
Famyas Siwani
ज़ुर्रत नहीं अब फिर किसी से यूँँ मुहब्बत मैं करुँ
कैसे जनाज़ा रूह का निकला मुझे मालूम है
Famyas Siwani
ख़ूब-सूरत मैं नहीं तो क्या हुआ
मेरी अंदाज़-ए-ग़ज़ल दिलकश तो है
Famyas Siwani
मैं टूट कर कुछ इस तरह बिखरा पड़ा हूँ फर्श पर
जैसे फ़िज़ा में शाख़ से पत्ते बिखरते टूट कर
Famyas Siwani
कुछ इस क़दर मसरूफ़ उस की चाहतों में हो गया
उस की मुहब्बत ने जलाकर राख़ मुझ को कर दिया
Famyas Siwani