Rohit Gustakh

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Rohit Gustakh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rohit Gustakh's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
ग़म-ए-दुनिया से आगे कुछ नहीं है
जहाँ तुम आशनाई कर रही हो
Rohit Gustakh
इशारे में उस ने कहा मुस्कुरा कर
इशारे से तुम को इशारा करेंगे
Rohit Gustakh
ये भी मशहूर था कूचे में उस के
जिसे तुम लोग पागल कह रहे हो
Rohit Gustakh
तुम्हारी बज़्म हैं तो क्या करोगे इश्क़ को रुस्वा
अदब से महफिलें चलती हैं हुक्मों से नहीं चलती
Rohit Gustakh
बिना बात के हम लड़े जा रहे हैं
कि नज़दीक आने मरे जा रहे हैं
Rohit Gustakh
जिसे तुम कह रहे हो प्यार अपना
सुनो प्यारे अमानत है किसी की
Rohit Gustakh
तुम्हें कैसे बताएँ हम कि कैसे हैं बिना उस के
उसे बस ये बताना तुम कि अच्छे हैं बिना उस के

वो पूछे तो बता देना हमारा हाल ये उस को
मुकम्मल ख़्वाब आँखों में अधूरे हैं बिना उस के
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Rohit Gustakh
किसे मालूम था क्या कर चुका था मैं
मुझे जब होश आया मर चुका था मैं
Rohit Gustakh
हमारे लिए बे-वफ़ा है वो लड़की
तुम्हारे लिए जो अभी देवता है
Rohit Gustakh
ज़माने में किसी से दिल लगाकर
किसी का दिल दुखाया था किसी ने
Rohit Gustakh
चूम कर ज़ख़्म फिर से हरा कर दिया
क्या लगा था तुम्हें मोजिज़ा कर दिया

आप के इश्क़ का क़र्ज़ था मुझ पे जो
काटकर हिज्र की शब अदा कर दिया
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Rohit Gustakh
अपने इस दिल को पत्थर कर लेंगे
हम ख़ुद को तुझ से कमतर कर लेंगे

दुनिया बहरी हो जाएगी इक दिन
इतनी ख़ामोशी अंदर कर लेंगे
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Rohit Gustakh
जब उन को बाहें फैलाए देखा तो
याद हमें आई सावन के झूलों की
Rohit Gustakh
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महकते हैं अभी तक हाथ ख़ुशबू से
कि गुल के गाल खींचे थे कभी हम ने
Rohit Gustakh
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तुम्हें अब क्या बताएँ क्या किया हम ने
दुआ देकर उसे जाने दिया हम ने
Rohit Gustakh
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मुहब्बत में बिछड़ने की ग़लत-फ़हमी हुई होगी
वगरना कौन करता है बग़ावत राजधानी में
Rohit Gustakh
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किसी ने कह दिया जंगल बनेगा
परिंदे घर बनाते फिर रहे हैं
Rohit Gustakh
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इक दुश्मन को साथ रखा है तू ने
दुखती रग पर हाथ रखा है तू ने
Rohit Gustakh
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उतर आओ धरा पर अब तो गंगे
कमी क्या है भगीरथ की लगन में
Rohit Gustakh
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वक़्त की थी कमी गर्दिशों के थे दिन
वक़्त देना पड़ा हर किसी के लिए
Rohit Gustakh
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