KARAN

KARAN

@Karan_Kataria

KARAN shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in KARAN's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

14

Content

28

Likes

137

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
शजर से धूप से पैरों से रहगुज़र से पूछ
सफ़र का लुत्फ़ रफ़ीक़ाने हम सेफ़र से पूछ

जिसे भी छोड़ दिया उम्र-भर को छोड़ दिया
मेरे मिज़ाज के बारे में शहर भर से पूछ
Read Full
KARAN
आया, क़रीब बैठ के कहने लगा कि बस
इतना ही सिर्फ़ हम सेे तुम्हें प्यार था कि बस

होंठो का लम्स था कि नशा था शराब का
उस ने लबों पे आज यूँँ बोसा रखा कि बस
Read Full
KARAN
शरफ़ मिला न कभी चाँद देखने का हमें
वो ख़ुश-नसीब हैं, जो तुझ को देखते होंगे
KARAN
दर्द का आलम सुनहरा, भेज दे
काश माज़ी, लुत्फ़-ए-ईज़ा भेज दे

वाक़या, दिल टूट जाने का मेरे
और तेरे ज़ुल्मों का, क़िस्सा भेज दे
Read Full
KARAN
वहशत-ए-ग़म को आज़माना है
चोट खाकर भी, मुस्कुराना है

मौत आ कर, रिहा करा मुझ को
ख़ाना-ए-तन भी क़ैद-ख़ाना है
Read Full
KARAN
11 Likes
ज़ीस्त की खोखली हैहात पे रह जाते हैं
वो जो कमज़र्फ़ हैं, औक़ात पे रह जाते हैं

ओढ़ लेती है शराफ़त की रिदा रोज़ सहर
और इल्ज़ाम फ़क़त रात पे रह जाते हैं
Read Full
KARAN
12 Likes
मत करो बे-लिबास, रहने दो
इन ज़मीनों पे, घास रहने दो

बढ़ते शहरों की, वहशतें रोको
ये ज़मीं, ख़ुश-लिबास रहने दो
Read Full
KARAN
12 Likes