Najmu Ansari Nazim

Najmu Ansari Nazim

@Najmu_an

Najmu Ansari Nazim shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Najmu Ansari Nazim's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
मिलता नहीं है अब वो मिलनसार की तरह
ग़ुस्सा भी उस का तेज़ है तलवार की तरह

ख़ुशियाँ ये ईद की मिरी फिर ज़ाया' हो गई
मुझ से ख़फ़ा है यार वो हर बार की तरह
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Najmu Ansari Nazim
मैं ज़िंदगी से हार के जाता भला कहाँ
मैं लड़ के ज़िंदगी को हराता चला गया
Najmu Ansari Nazim
हमें मोहब्बत है आप ही से यक़ीं वो हम को दिला रही है
है मिल के आई रक़ीब से और वफा की क़स
में उठा रही है

बताएँ हम अब ये किस को कैसे वो कैसे किस को चला रही है
इसे भी लव यूँ उसे भी लव यूँ वो सब का उल्लू बना रही है
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Najmu Ansari Nazim
नींदों को मार देती है सो भी नहीं रही
आँखें ये अश्क-बार से रो भी नहीं रही

बाक़ी रहा न दिल में कोई भी सवाल अब
धड़कन जो शोर करती थी वो भी नहीं रही
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Najmu Ansari Nazim
थी तमन्ना इतनी मेरी यार बस मिलने वो आती
चाँद जो दिख जाता मेरा ईद मेरी भी हो जाती
Najmu Ansari Nazim
इस खेल में जुए के फ़क़त हार है छुपी
इक दिन कहोगे हार के क़िस्मत ख़राब थी
Najmu Ansari Nazim
ख़ुशियों में झूमता हुआ संसार देखिए
फिर आ गया है ईद का त्यौहार देखिए

मज़हब के नाम पर न करो ऐसे इख़्तिलाफ़
इंसान बन के भी ज़रा इक बार देखिए
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Najmu Ansari Nazim
कपड़े भी ईद पर नए अब के न बन सके
बाबा के ज़ेर-ए-साए में हर रोज़ ईद थी
Najmu Ansari Nazim
हमें मिलने नहीं देगा जमाना सच में जालिम है
ख़ुदा के पास चलते हैं वहाँ दस्तूर नइँ होंगे
Najmu Ansari Nazim
उल्फ़त है आप ही से मोहब्बत है आप से
हो आप ही सुकूँ मिरा राहत है आप से

कैसे मनाएँ आप को कुछ तो इशारा दो
पहला है इश्क़ पहली शरारत है आप से
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Najmu Ansari Nazim
मैं ही नहीं खड़ा हुआ उम्र-ए-दराज़ पर
तुम में भी मेरी जान नज़ाकत नहीं रही
Najmu Ansari Nazim
बधाई हो जन्मदिन की तुम को मिले जहाँ की तमाम ख़ुशियाँ
ख़ुदा तुम्हें दे ये उम्र लंबी हमारी तो बस यही दुआ है
Najmu Ansari Nazim
मुफ़लिसी की ज़ात ने लज़्ज़त वो सारी छीन ली
धान भी कच्चा ज़बाँ को ज़ाइक़ा देने लगा
Najmu Ansari Nazim
तेरी यादों की दुनिया में जाने लगे
आके बादल भी मुझ को रुलाने लगे

हम जो रोए तो बारिश भी होने लगी
सब दुआ ये किसी की बताने लगे
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Najmu Ansari Nazim
निशाना यार पे कब‌ से निगाहों से हूँ साधे मैं
उठा ले वो नज़र तो मैं चलाऊँ तीर को अपने
Najmu Ansari Nazim
गुनहगार ऐसा तू वाहिद है नाज़िम
कि जिस ने जहाँ में है उस को रुलाया
Najmu Ansari Nazim
नाजि़म तमाम उम्र गु़ज़ारी शराब में
ग़म के लिए शराब की बोतल है आज भी
Najmu Ansari Nazim
दिवाली ईद हो या कोई हो त्योहार फिर दूजा
मनाओ साथ मिल कर सब रहो ख़ुशहाल भारत में
Najmu Ansari Nazim
सर को उठा के चलता‌ था ईमा पे अपने मैं
काफ़िर जवानी यार गुनहगार कर गई
Najmu Ansari Nazim