Praveen Sharma SHAJAR

Praveen Sharma SHAJAR

@Nishadsharma1

Praveen Sharma NISHAD shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Praveen Sharma NISHAD's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

6

Content

103

Likes

163

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
ये वो धूप है जिस से दिल को सिर्फ़ भिगोया जा सकता है
ये वो नशेमन जिस में केवल ग़म को संजोया जा सकता है

जॉन की ग़ज़लें पढ़ने लगे हो तो फिर इतना ध्यान में रखना
जॉन की ग़ज़लें पढ़ लेने पर केवल रोया जा सकता है
Read Full
Praveen Sharma SHAJAR
यूँँ तो हम जन्नत का रस्ता जानते हैं
पर मय-ख़ाना उस सेे अच्छा जानते हैं

डूब रहे हैं दरिया में तेरी ख़ातिर
वरना हम तो पार उतरना जानते हैं
Read Full
Praveen Sharma SHAJAR
तेरे ख़िलाफ़ अगर जंग में उतारा गया
तो साफ़-साफ़ समझ ले कि मैं तो मारा गया

वो जब गया था तो कुछ भी नहीं गया था मेरा
जब उस की याद गई है तो हर सहारा गया
Read Full
Praveen Sharma SHAJAR
अपना हाथ रहा तो है इस दुनिया की बर्बादी में
हम ने भी तो शे'र लिखे थे चाहत और मुहब्बत के
Praveen Sharma SHAJAR
और तो सब ठीक है पर तुम नहीं हो
और फिर क्या ठीक है गर तुम नहीं हो
Praveen Sharma SHAJAR
कर लिए हम ने मोहब्बत में कई साल ख़राब
अब नए साल में हम सूद-ओ-ज़ियाँ देखेंगे
Praveen Sharma SHAJAR
हम उस के साथ चलना चाहते थे
पसंद उस को मगर बैसाखियाँ थीं
Praveen Sharma SHAJAR
तेरी यादों का मौसम ख़ूब-सूरत है मगर फिर भी
इसे जाना पड़ेगा अब ये अगली रुत में अड़चन है
Praveen Sharma SHAJAR
न कर बर्बाद लेकिन दुख तो दे थोड़ा बहुत मुझ को
मैं कैसे इस ख़ुशी में शा'इरी कर पाऊँगा जानाॅं
Praveen Sharma SHAJAR
फूल टूटे तो रौंद डाले गए
ख़ार गिरकर भी घाव दे रहे हैं
Praveen Sharma SHAJAR
जिस को पाने का हर प्रयास रहा
उस को पा कर के दिल उदास रहा

उस ने तोड़ा है दिल भी सब सेे अधिक
और सब सेे अधिक वो ख़ास रहा
Read Full
Praveen Sharma SHAJAR
मैं जैसे कर्ण हूँ और तू मेरे कुंडल कवच जैसी
तुझे ख़ुद से जुदा करने में क्या बीती है मुझ सेे पूछ
Praveen Sharma SHAJAR
हर बार जीत जाओ ज़रूरी तो नहीं है
तुम ही मुझे रुलाओ ज़रूरी तो नहीं है

कुछ और भी थे लोग मुहब्बत में हमारी
इक तुम ही याद आओ ज़रूरी तो नहीं है
Read Full
Praveen Sharma SHAJAR
वो और बात कि इस की सज़ा नहीं मिलती
मगर ये इश्क़ गुनाहों से कम नहीं होता
Praveen Sharma SHAJAR
काश तुम ज़िन्दगी समझते दोस्त
तब मेरी शा'इरी समझते दोस्त
Praveen Sharma SHAJAR
रास आए न मुहब्बत तो भला क्या कीजे
अब जो होता ही नहीं पास-ए-वफ़ा क्या कीजे

उन को हाकिम की ज़रूरत जो अभी ज़िंदा हैं
मुझ सी जलती हुई लाशों की दवा क्या कीजे
Read Full
Praveen Sharma SHAJAR
जब जब दिल दुखता है तुम याद आते हो
जब जब तुम याद आते हो दिल दुखता है
Praveen Sharma SHAJAR
प्यार से घर नहीं चलता साहब
इस लिए शा'इरी भी करते हैं
Praveen Sharma SHAJAR
हाँ मेरा हाल ठीक है
नहीं भी है तो क्या हुआ
Praveen Sharma SHAJAR
मुझ को शोहरत का शौक़ है साहब
इश्क़ भी मेरा आप रख लीजे
Praveen Sharma SHAJAR

LOAD MORE