sahil

sahil

@Rang_e_adaab

sahil shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in sahil's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

31

Likes

6

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
एक झटके में काट क्यूँँ डाला
गाँठ धागे की खुल भी सकती थी
sahil
तिश्नालबी लिए ही मरा बज़्म-ए-रिंद में
साक़ी की जिस पे नज़र-ए-इनायत नहीं रही
sahil
हादिसा है चराग़ बुझने पर
रात मातम नहीं मनाती है
sahil
उधर पाने की चाहत है इधर है लुत्फ़ खोने का
उधर इश्क़-ए-मजाज़ी है इधर इश्क़-ए-हक़ीक़ी है
sahil
राँझा बने कभी तो कभी क़ैस बन गए
सदियों से एक हिज्र मनाते रहे हैं हम
sahil
हाल सब पूछते हैं यार ये तो रस्में हैं
तुम भी पागल ही हो सच मुच में लगे बतलाने
sahil
इस लिए शे'र मुहब्बत पे नहीं कहता हूँ
बेवुज़ू भी तो मिरे शे'र सुने जाते हैं
sahil
फ़ुर्सत मिले तो थोड़ी मुहब्बत भी बाँट लें
नफ़रत के बस निशान मिटाते रहे हैं हम
sahil
सर-ए-बाज़ार करते हैं नुमाइश अपने ज़ख़्मों की
कभी उस ने कहा था दिल को हल्का क्यूँँ नहीं करते
sahil
शजर सब कट चुके हैं अब वफ़ा के थे बचे जितने
जफ़ा की धूप में जलना ही अब अपना मुक़द्दर है
sahil
है करता लहू को इधर से उधर ये
तेरे बा'द दिल का यही काम है बस
sahil
झील आँखें ज़ुल्फ़ बादल चाल जैसे मोरनी
सारी क़ुदरत की करामत इक बदन में क़ैद है
sahil
अजब जादूगरी है मुफ़्लिसी में
जो अपना है वही अंजान हो जाए
sahil
कुछ इस अदास तुम को भुलाते रहे हैं हम
इक नाम पत्थरों से मिटाते रहे हैं हम
sahil
तग़ाफ़ुल आप की अच्छी नहीं है ख़ुश नहीं हूँ मैं
भरी महफ़िल में मुझ को आप रुस्वा क्यूँँ नहीं करते
sahil
बराबर तंज कसती थीं हवाएँ
दिया जलता रहा बस मुस्कुरा कर
sahil
हैं दाग़ के आँगन में भी चर्चे तुम्हारे हुस्न के
ख़ूँ थूकता मेरा हवाला जौन के मिसरे में है
sahil
शब हुई फिर चाँद छत पर आ गया
तेरी यादों के दिए रौशन हुए
sahil
वफ़ा की गर सज़ा है ये सज़ा पूरी तो दे कर जा
अभी तो दिल ही टूटा है अभी धड़कन तो जारी है
sahil
बुझाती है अब तो चराग़ों को चुन के
ये किस ने हवा को इशारा किया है
sahil

LOAD MORE