Atul Yadav Nirbhay

Atul Yadav Nirbhay

@YadavAtul0008

Atul Yadav Nirbhay shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Atul Yadav Nirbhay's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

3

Content

10

Likes

25

Shayari
Audios
  • Sher
बताओ याद आता है पुराना वो ज़माना क्या
तुम्हारी शाम थी जिन में वही दिल का फ़साना क्या

या तुम भी भूल बैठे हो सुनाए वो सभी क़िस्से
मुलाक़ातें हसीं रातें झुकी पलकें उठाना क्या
Read Full
Atul Yadav Nirbhay
सियासत खेल जैसी है हमारा और तुम्हारा क्या
बड़ी गहरी बड़ी उलझी नहीं रखती किनारा क्या

मुझे पागल सभी लगते झगड़ते जो बिना मतलब
तुम्हें कुर्सी नहीं मिलनी तुम्हें अब भी सहारा क्या
Read Full
Atul Yadav Nirbhay
तुम्हारी आँख में काजल अरे पागल
पुरानी याद में कायल अरे पागल

तुम्हारे हाथ के कंगन का भी बजना
पड़ी चाँदी की वो पायल अरे पागल
Read Full
Atul Yadav Nirbhay
अभी समझा कबीले तो सदा महफ़ूज़ थे लेकिन
ग़लतफ़हमी यही सबकी कि राजा तार जाता है
Atul Yadav Nirbhay
अगर मैं मर गया होता शायद रोती नहीं लड़की
मगर तस्वीर में पागल हमेशा साथ लगती है
Atul Yadav Nirbhay
रहा बिगड़ा हुआ तो मैं मियाँ पहले मगर कम था
वजह जो भी बिगड़ने की मज़े की बात लगती है
Atul Yadav Nirbhay
भिगोकर रख रखा जिस को कई सालों का रूखा था
तुम्हारे हाथ से खाया लगा अरसे का भूखा था


मुझे जीना यही अब है मगर तेरा नहीं होकर

हरा गुलदान हो जाए वही वर्षों का सूखा था
Read Full
Atul Yadav Nirbhay
ज़माना भूल जाता है तुम्हारा हाल वो निर्भय
अठारह साल के थे तुम बुरी ये बात लगती है
Atul Yadav Nirbhay
यही ऐसी दुपहरी थी यही इक साल पहले बस
किसी की एक सुनने में ज़माना बिक गया मेरा
Atul Yadav Nirbhay
कभी माँ ने सिखाया था सिपाही की तरह मुझ को
वतन गर ख़ून माँगे तो मुकरना मत चले जाना
Atul Yadav Nirbhay